
राजनांदगांव जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली खबर निकलकर सामने आई है। मिली जानकारी के मुताबिक डोंगरगांव ब्लॉक कल दो सगी बहनों सहित 4 लोगों की कोरोना से मौत हुई जिसके बाद इनके शवों को एम्बुलेंस तक प्रशासन ने मुहैया नहीं कराया बल्कि नगर पंचायत के कचरा फेंकने वाले वाहन से शवों को ले जाया गया।

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दरअसल राजनांदगांव से सिर्फ 25 किलोमीटर दूर डोंगरगांव कोविड केयर सेंटर में 13 अप्रैल को दो सगी बहनों समेत तीन लोगों को भर्ती कराया गया था तीनों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। आज 14 अप्रैल को ऑक्सीजन की कमी के चलते तीनों की कोरोना से मौत हो गई। इसके साथ ही डोंगरगांव के ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी एक व्यक्ति की ऑक्सीजन की कमी की वजह से मौत हो गई। ये मरीज भी कोरोना पॉजिटिव था। एक ही दिन में गांव में चार मौतों से पूरा डोंगरगांव ब्लॉक में सन्नाटा पसरा हुवा है लोगों में दहशत का माहौल है और प्रशासन के लिए गुस्सा भी।
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सबसे बड़ी विडम्बना ये है कि कोरोना से मौत के बाद शवों को नगर पंचायत के कचरा फेंकने वाले वाहन से मुक्तिधाम ले जाया गया उन्हें एम्बुलेंस तक नसीब नहीं हुवा। मिली जानकारी के मुताबिक डोंगरगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की बीएमओ ने अपने आप को घर पर होम आइसोलेट कर लिया. इस तरह उन्होंने अपनी जिम्मेदारी से किनारा कर लिया। आपको बता दें कि बीएमओ की कोविड रिपोर्ट नेगेटिव आई थी।
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मामले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मिथलेश चौधरी ने इस बात की पुष्टि मीडिया से की है और बताया कि कोरोना मरीजों का ऑक्सीजन लेवल बेहद कम था. आज कोरोना से दो सगी बहनों सहित 3 लोगों की मौत कोविड केयर सेंटर में हुई है। वहीं शवों को कचरा वाहन में उठाने की बात पर मीडिया से उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की है।




