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Mahatma Jyotiba Phule Birth Anniversary 2026: महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती, Rahul Gandhi ने दी श्रद्धांजलि, समाज सुधारक के योगदान को किया याद


Mahatma Jyotiba Phule-Rahul Gandhi (Photo Credits: ANI)

Mahatma Jyotiba Phule Birth Anniversary 2026: महान समाज सुधारक और विचारक महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती के मौके पर आज देशभर में उन्हें याद किया जा रहा है. संसद परिसर स्थित ‘प्रेरणा स्थल’ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi), लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने महात्मा फुले को पुष्पांजलि अर्पित की.

राहुल गांधी का संदेश

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट के माध्यम से महात्मा फुले को नमन किया. उन्होंने लिखा, “महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन. उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन बहुजनों के हक और अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया, भेदभाव और असमानता के विरुद्ध उनके संघर्ष ने देश को समता और न्याय का मार्ग दिखाया,  उन्होंने आगे कहा कि फुले के विचार हमेशा सामाजिक न्याय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते रहेंगे.  यह भी पढ़े: Mahatma Jyotirao Phule Birth Anniversary 2026: महात्मा ज्योतिराव फुले की 200वीं जयंती, PM मोदी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- ‘उनका जीवन आज भी करोड़ों देशवासियों के लिए प्रेरणा’

राहुल गांधी का पोस्ट

प्रधानमंत्री ने भी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महात्मा फुले को एक ‘दूरदर्शी समाज सुधारक’ बताया। पीएम ने लिखा, “महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती पर, मैं उस महान सुधारक को नमन करता हूं, जिन्होंने अपना जीवन समानता, न्याय और शिक्षा के लिए समर्पित किया. वे महिलाओं और वंचितों के अधिकारों के लिए लड़ने वाले अग्रणी थे. उनके प्रयासों ने शिक्षा को सशक्तिकरण का एक शक्तिशाली माध्यम बनाया।” इस वर्ष से महात्मा फुले की 200वीं जयंती के उपलक्ष्य में वर्ष भर चलने वाले कार्यक्रमों का भी शुभारंभ हो रहा है.

महात्मा फुले का जीवन और दर्शन

11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र के सतारा में जन्मे महात्मा ज्योतिराव फुले भारतीय इतिहास के एक प्रमुख समाज सुधारक, कार्यकर्ता और लेखक थे। उनका जीवन समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव को मिटाने, महिला शिक्षा को बढ़ावा देने और शोषित वर्गों को सशक्त बनाने के लिए समर्पित था।

उनके द्वारा स्थापित ‘सत्यशोधक समाज’ ने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ एक वैचारिक क्रांति शुरू की थी। उन्होंने अपनी पत्नी सावित्रीबाई फुले के साथ मिलकर शिक्षा के क्षेत्र में जो कार्य किए, वे आज भी भारत के सामाजिक ताने-बाने को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके विचारों का प्रभाव आज भी भारतीय राजनीति और सामाजिक सुधार आंदोलनों में स्पष्ट दिखाई देता है.




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