नए महापौर ने किया शहर के सफाई व्यवस्था का निरीक्षण, ठेका कंपनी पर जताई नाराजगी
रायपुर नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर एजाज ढेबर ने मंगलवार सुबह सकरी स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड का निरीक्षण किया। यहां वे तय सीमा पर सेग्रीगेशन मशीन नहीं लगाये जाने पर नाराज हुए।
सफाई ठेका कंपनी रामकी के अधिकारियों को बुलाकर कहा कि दिल्ली में बैठे अपने मालिक को सप्ताह भर के भीतर बुलाकर मुझसे बैठक करवाएं। दोपहर में उन्होंने निगम मुख्यालय भवन पहुंचकर अधिकारियों की बैठक ली।
उन्होंने दो टूक कहा कि सफाई में लगे 3000 कर्मचारी कम नहीं होते फिर भी रायपुर सफाई में पिछड़ा रहता है। कमीशनखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। स्वच्छ भारत मिशन के कार्यपालन अभियंता रधुमणी प्रधान ने बताया कि महापौर एजाज ढेबर सुबह सकरी स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड का निरीक्षण करने पहुंचे थे। यहां उन्होंने डोर टू डोर कचरा कलेक्शन पर जोर दिया।
उन्होंने सफाई ठेका कंपनी रामकी के अधिकारियों को बुलाकर कहा कि डोर टू डोर कचरा कलेक्शन पूरे शहर में किया जाये। गीला और सूखा कचरा को अलग-अलग रखा जाये। कचरे के सेग्रीगेशन के लिये रामकी द्वारा सकरी में प्लांट लगाया जाना है। इस पर देरी हो रही है, जिस पर उन्होंने रामकी के अधिकारियों को फटकार भी लगाई। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठे अपने मालिकों को बुलाकर सप्ताह भर के भीतर उनके साथ उनकी बैठक करवायी जाये। इसके बाद दोपहर 2 बजे महापौर एजाज ढेबर ने निगम मुख्यालय भवन व्हाईट हाउस में पहुंचकर अधिकारियों की बैठक ली।
इस दौरान निगम के आयुक्त शिव अनंत तायल, अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू, पुलक भट्टाचार्य, उपायुक्त राजस्व कृष्णा खटीक, उपायुक्त सामान्य प्रशाासन पीआर धु्रव, सभी जोनों के जोन कमिश्नर, जोन कार्यपालन अभियंता, जोन स्वास्थ्य अधिकारी और जोन राजस्व अधिकारी मौजूद थे। बैठक शुरू होते ही उन्होंने कहा कि सफाई में 3000 कर्मचारी लगे हैं। इतनी संख्या कम नहीं होती फिर भी सफाई का असर शहर में दिखता नहीं है।
उन्होंने जोन कमिश्नरों और जोन स्वास्थ्य अधिकारियों की सफाई पर भूमिका तय करते हुए कहा कि अब यदि कमी पायी जायेगी तो उन्हीं पर कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि सप्ताह भर के भीतर इस मुद्दे को लेकर वे फिर बैठक लेंगे तथा शहर में घूम-घूमकर सफाई व्यवस्था की जांच करेंगे। कमी पायी गयी तो वे संबंधितों पर कार्यवाही करने से भी नहीं चुकेंगे।
उन्होंने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था पर कल मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी चर्चा के दौरान चिंता जाहिर की थी। उन्होंने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया है कि शहर के सफाई समेत अन्य मुद्दों पर साल भर के अंदर तस्वीर बदल दी जायेगी। उद्यानिकी विभाग और जोन 5 के अधिकारियों को उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री महादेवघाट पर कुछ अच्छा देखना चाहते हैं, यहां क्या हो सकता है इसका प्रेजेंटेशन तैयार करें।
महापौर ढेबर ने विभागवार भी अधिकारियों की बैठक ली । उन्होंने व्हीआईपी मूव्हमेंट की आड़ में बहाने बाजी करने से बचने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों साइंस कालेज ग्राउंड में 3 तीनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ। इस दौरान शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल रही।
वीरभद्र नगरवासियों को आयुक्त ने समझाया, एसटीपी से बूढ़ातालाब में आएगी नई जान
बूढ़ातालाब के किनारे वीरभद्र नगर के पास बन रहे एसटीपी का मंगलवार रायपुर नगर निगम के आयुक्त शिवअनंत तायल ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आस-पास के नागरिकों को समझाया कि एसटीपी लग जाने से बूढ़ातालाब में नई जान आ जायेगी। निगम आयुक्त के साथ सहायक अभियंता आभास मिश्रा भी वहां मौजूद थे।
आभास मिश्रा ने बताया कि लोगो में भ्रांतिया थी कि एसटीपी के लग जाने से मोहल्ला डूब सकता है या अन्य परेशानी आ सकती है। निगमायुक्त तायल ने उन्हें बताया कि एसटीपी को पूरी तरह से सुरक्षित तरीके से लगाया जा रहा है। इससे पहले इस क्षेत्र का परीक्षण भी किया जा चुका है। इसके लग जाने से मोहल्ले में कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। साथ ही बूढ़ातालाब,जिसका पानी लगातार सूख रहा है। एसटीपी के लग जाने से तालाब में नई जान आ जायेगी।



