छत्रपति शिवाजी महाराज की 389 वीं जयंती आज, गोरिल्ला वॉर की नई शैली की थी विकसित
आज देश भर में छत्रपति शिवाजी महराज की 389 वीं जयंती मनाई जा रही है, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर देश भर के लोग शिवाजी को उनकी जयंती पर याद कर रहे हैं।
माना जाता है कि शिवाजी की मां ने शिवाजी देवी शिवाई के नाम पर उनका नाम रखा था, बता दें कि शिवाजी को महाराष्ट्र में भगवान की तरह पूजा जाता है।
ज्ञातव्य है कि शिवाजी का जन्म 19 फरवरी 1630 में शिवनेरी दुर्ग में हुआ था, उनके पिता शाहजी भोसले सेना में सेनापति थे। छत्रपति शिवाजी ने देश में मराठा साम्राज्य की नींव रखी थी। शिवाजी के अंदर बचपन में ही शासक वर्ग की क्रूर नीतियों के खिलाफ लड़ने की ज्वाला उदित हो गई थी।
उन्होंने कई सालों तक लगातार मुगल शासक औरंगजेब से लोहा लिया था। वीर शिवाजी को भारत के एक महान योद्धा और कुशल रणनीतिकार के रूप में जाना जाता है। शिवाजी ने गोरिल्ला वॉर की एक नई शैली विकसित की थी शिवाजी ने अपने राजकीय कार्यो में में फारसी की जगह मराठी और संस्कृत को ज्यादा प्राथमिकता दी।
बताया जाता है कि शिवाजी महाराज महिलाओं का काफी सम्मान करते थे। उन्होंने आदेश दिया था कि युद्ध में बंदी किसी महिला के साथ बुरा बर्ताव नहीं होगा। इज्जत के साथ उन्हें घर भेजा जाएगा।
वे सभी धर्मों का समान रूप से सम्मान किया करते थे, वे धर्मांतरण के सख्त खिलाफ थे। उनकी सेना में मुस्लिम बड़े पदों पर मौजूद रहे थे, इब्राहिम खान और दौलत खान उनकी नौसेना के खास पदों पर थे।



