कोयले के खनन को बढ़ाने के कदम में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कल बुधवार को एक अध्यादेश को मंजूरी दी है। इस अध्यादेश को कोल सेक्टर में एफडीआई को बढ़ाने और कारोबार को आसान बनाने के लिए लाया गया है।
बता दें कि कैबिनेट ने खनिज कानून (संसोधित) अध्यादेश 2020 को लागू करने की अनुमति दे दी है। इसमें खदान और खनिज (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट 1957 और कोल माइन्स (स्पेशल प्रोविजन) एक्ट 2015 में संसोधन होगा।
केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने मीडिया को बताया कि इस अध्यादेश के माध्यम से खनिज विकास एवं नियमन अधिनियम 1957 और कोयला खान विशेष प्रावधान अधिनियम 2015 में संशोधन का प्रावधान किया गया है। यह अध्यादेश कोयला एवं खनन के क्षेत्र में एक नये युग का सूत्रपात करेगा।
उन्होंने कहा कि भारत में कोयले की मांग काफी ज्यादा है और बड़े पैमाने पर देश इसका आयात करता है। अध्यादेश को कोयला खदानों की निलामी के नियमों को आसान करने के लिए आयी है। साथ ही अब कोयला खनन सभी सेक्टर्स के लिए खुल गया है। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली केंद्रीय कैबिनेट द्वारा निर्णय लिया गया है इसके साथ ही यह 31 मार्च 2020 से पहले 46 कच्चे लोहे और दूसरी खानों की नीलामी की अनुमति भी देता है।




