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अयोध्या फैसला – 20 लाख व्हाट्सअप अकाउंट और ग्रुप बंद, सुरक्षा की चाक चौबंद व्यवस्था, राज्यों में हाई अलर्ट

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को हाई अलर्ट पर रहने को कहा है इसके साथ ही सोशल मीडिया पर नफरत पैदा करने वाले के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के निर्देश दे दिए गए हैं। सरकार के आदेश पर व्हाट्सएप में 1 महीने में एक बार में २० लाख ग्रुप और अकाउंट बंद कर दिए हैं।

व्हाट्सएप के प्रवक्ता के अनुसार एवं फैसले के मद्देनजर व्हाट्सएप अपने प्लेटफार्म का दुरुपयोग रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर रही है, इससे संदिग्ध गतिविधियों वाले ग्रुप को और नंबरों को पहचान कर उन्हें तत्काल ब्लॉक किया जा रहा है। फेसबुक के कार्यालय में भी हिदायतों का पालन करने की सहमति जताई है।

अयोध्या मामले में अगले सप्ताह उच्चतम न्यायालय का निर्णय आने से पहले सुरक्षा तैयारियों के तहत केंद्र ने अर्द्धसैनिक बलों के करीब 4,000 जवानों को उत्तर प्रदेश भेजा है। साथ ही रेलवे पुलिस ने अपने कर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और 78 बड़े स्टेशनों तथा ट्रेनों में चौकसी बढ़ा दी है। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक आम परामर्श जारी किया गया है, जिसमें उन्हें सभी संवेदनशील इलाकों में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात करने को कहा गया है।

इसमें कहा गया है कि नेता लोगों से भड़काऊ टिप्पणी नहीं करने या अफवाह नहीं फैलाने की एक बार फिर से अपील करें। सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपनी मंत्रिपरिषद के साथ अयोध्या मुद्दे पर चर्चा की थी। उन्होंने अपने मंत्रियों से इस विषय पर अनावश्यक बयान देने से बचने और देश में सौहार्द कायम रखने को कहा था। दरअसल, राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद मामले में प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) रंजन गोगोई के 17 नवंबर को सेवानिवृत्त होने से पहले शीर्ष न्यायालय के अपना फैसला सुनाने की संभावना है।

न्यायमूर्ति गोगोई उस पांच सदस्यीय संविधान पीठ की अध्यक्षता कर रहे हैं, जिसने कई हफ्तों तक मामले की सुनवाई की। इस बीच, सदभावना उपायों के तहत पुलिस ने हिंदू और मुस्लिम समुदायों के लोगों के बीच बैठकें कराई। साथ ही, दोनों समुदायों के लोगों से शांति कायम रखने की अपील की गई। बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त भास्कर राव ने कहा, ‘ये सभी लोग फैसले का पालन एवं सम्मान करने के लिये सहमत हुए।’ दिल्ली में गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि मंत्रालय ने खासतौर पर अयोध्या में कानून व्यवस्था कायम रखने में उप्र सरकार की मदद के लिए अर्द्धसैनिक बलों की 40 कंपनियां राज्य में भेजी हैं। एक कंपनी में करीब 100 कर्मी होते हैं।

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