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ठीक 53 साल पहले का इतिहास दोहराया है सिंधिया ने, दादी विजयाराजे सिंधिया ने छोड़ा था कांग्रेस का दामन

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस्तीफा देकर 53 साल पुराने इतिहास को दोहराया

मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस्तीफा देकर 53 साल पुराने इतिहास को दोहराया है। इससे ठीक 53 साल पहले दादी विजयाराजे सिंधिया ने कांग्रेस की सरकार गिरायी थी। इसके बाद अब कांग्रेस सरकार को हटाने की ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नींव रखी हैं।

वहीं उनके पिता और दादी ने भी कभी कांग्रेस का साथ छोड़ा थी। जिसके कारण ‘सिंधिया परिवार गद्दार है’ ट्विटर पर जमकर ट्रेंड हो रहा है। कल ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिता माधवराव सिंधिया की 75वीं जयंती थी और इसी दिन ज्योतिरादित्य सिंधिया का कांग्रेस पद से इस्तीफा देना इस बात को इंगित करता है कि वो अपने पिता की राह पर चलने की कोशिश कर रहे हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफे के बाद देश भर में उनके परिवार को गद्दार घोषित करने के लिए ‘सिंधिया परिवार गद्दार है’ का ट्रेंड शुरू हो गया है। जिसमें ट्विटर यूजर उनके खिलाफ कई कमेंट करते हुए नजर आए। सिंधिया के परिवार का इतिहास भी कुछ ऐसा ही रहा है।

पूर्व में उनके पिता और दादी ने भी कांग्रेस का दामन छोड़कर दूसरी पार्टी ज्वाईन कर ली थी। 1967 में मध्यप्रदेश में डीपी मिश्रा की सरकार थी। उस समय ज्योतिरादित्य सिंधिया की दादी राजमाता विजयराजे सिंधिया कांग्रेस के साथ थी। लेकिन कांग्रेस से अनबन के कारण उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़कर जनसंघ पार्टी का हाथ थाम लिया था। लोकसभा चुनाव में वो जनसंघ पार्टी से चुनाव भी जीती थी।

वहीं 1993 में ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिता माधवराव सिंधिया ने भी कांग्रेस का साथ छोड़कर अपनी अलग पार्टी बनाई थी। बाद में वो कांग्रेस में फिर से लौट आए थे। आपको बता दें कि इससे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्य प्रदेश सरकार के तरफ लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए थे उन्होंने इससे पूर्व जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाया जाने का समर्थन भी किया था, बीते फरवरी में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने वचन पत्र में वादों को पूरा करने पर सवाल खड़े कर दिए थे।

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