राजनांदगांव. एक तरफ जहां पूरा देश कोरोना की महामारी से लड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में उपचार के लिए भर्ती किए गए कुछ ऐसे मरीज हैं जिन्हें भोजन के पैकेट में चखना, शराब सहित नशे की सामग्री पहुंचाई जा रही है। आश्चर्य उस समय हुआ जब एक सुरक्षा गार्ड ने चाय के थर्मस में शराब की जप्ती की. अस्पताल के सुरक्षा गार्डों ने बड़ी संख्या में नशे की सामग्री जप्त की है. इस जानकारी से अस्पताल प्रशासन भी चौंक गया है।
राजनांदगांव में कोविड से संक्रमित तकरीबन 300 मरीज पेण्ड्री स्थित मेडिकल कॉलेज में उपचार करा रहे हैं. यहां पर लंबे समय से कोविड मरीजों के लिए शराब सप्लाई की जानकारी मिली थी. सुरक्षा गार्डों को चौकन्ना रहने कहा गया था, जैसे ही शराब, चखना से लेकर बीड़ी, पान, गुटखा, सिगरेट बड़ी संख्या में भीतर पहुंचाने की तैयारी की गई. जांच में पूरा खुलासा हो गया है।
अस्पताल में शराब पहुंचने का जो खुलासा हुआ है वो यहां के सुरक्षा गार्डों ने ही किया है लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि कई दिनों से इस तरह का कारोबार जब चल रहा था, उस समय सुरक्षा गार्डों ने कड़ाई क्यों नहीं बरती. कोविड अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज भर्ती है. स्वाभाविक है जब वहां कोई दूसरा मरीज नशा करेंगा तो अन्य को परेशानी होगी ही बताया जा रहा है कि नवागांव के युवराज साहू कोविड हास्पिटल में भर्ती हैं। इन्हें भोजन के नाम पर जो पैकेट भेजा गया फिर जब उसकी जांच हुई तो उसमें भोजन तो नहीं मिला, अलबत्ता शराब और चखना बरामद किया गया।
इतना ही नही एक अन्य पेसेंट विमल यादव को भी भोजन के नाम पर शराब पहुंचाई गई थी. उसकी भी जप्ती की गई. नूतन ठाकुर के लिए बड़ी संख्या में भेजे गए गुड़ाखू की भी जप्ती की गई. इसके अलावा सुलेशन, पान राज, विमल सहित नशे के लिए जो अन्य तरीके हैं, बड़ी संख्या में पहुंचाए गए थे. दिनेश नाम के मरीज ने तो अति ही कर दी. उसने थर्मस में ही शराब मंगा ली थी। इस तरह से अस्पताल में भर्ती कोविड मरीजों ने नशे के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी है. इस संबंध में कोविड अस्पताल की डीन डॉ. रेणुका गहने का कहना है कि शिकायत मिली है. उसकी जांच कराई जा रही है. मरीजों के लिए जो भोजन बाहर से पहुंचता है. उसकी जांच के लिए सुरक्षा गार्डों की ड्यूटी भी लगाई गई है।




