जशपुर – इलाज के अभाव में दो की मौत, स्वास्थ्य केंद्र में देखने वाला तक कोई नही, एम्बुलेंस खड़ी है पर इलाके में कोई मदद नही, सरकार के दावे यहां हो रहे फेल

जशपुर के बगीचा स्वास्थ्य केंद्र से झकझोर देने वाली वाकया सामने आया है। दरअसल बगीचा स्वास्थ्य केंद्र से कुछ ही दूर एक ग्रामीण का एक्सीडेंट हो गया जिसके बाद उन्होंने एंबुलेंस के लिए आनन-फानन में फोन किया। बगीचा स्वास्थ्य केंद्र से एंबुलेंस का मिलना तो दूर किसी भी तरह की कोई व्यवस्था नहीं होते देख ग्रामीणों ने जैसे तैसे अपनी व्यवस्था करके तत्काल ग्रामीण को बगीचा स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।
बगीचा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने के बाद घायल अवस्था में मरीज को देखने की बजाय अस्पताल प्रबंधन के लोग मरीज के पास जाने से ही कतरा रहे थे। दरअसल अस्पताल प्रबंधन के लोग मरीज के कोरोना वायरस संक्रमित होने को लेकर सशंकित थे और उसके पास भी जाने से गुरेज कर रहे थे। जब परिजनों ने हंगामा किया एवं स्थानीय नेताओं को फोन किया जिसके बाद स्थानीय नेता मौके पर पहुंचे और उन्हें खुद ही स्ट्रेचर पर डालकर अस्पताल के अंदर ले गए।
स्वास्थ्य केंद्र में घायल मरीज का उपचार करने की वजह है कुछ खानापूर्ति कर तत्काल मरीज को जिला अस्पताल के लिए रिफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि जब मरीज को रेफर किया गया उस वक्त भी मरीज के सर से लगातार खून बह रहा था और उसे ऐसे ही हालत में रिफर किया गया जिसके बाद रास्ते मे ही युवक ने दम तोड़ दिया।

इतना ही नहीं बगीचा स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस तो मौजूद है और ड्राइवर के अभाव में वह भी खस्ताहाल खड़ी हुई है आपको बता दें कि बीते दिनों हमने बगीचा स्वास्थ्य केंद्र के एंबुलेंस की स्थिति बयान की थी जिसमें एंबुलेंस के पंचर खड़े होने की वजह से एंबुलेंस की सुविधा का लाभ इलाके के रहवासी नहीं उठा पा रहे हैं।
गौरतलब है कि बगीचा स्वास्थ्य केंद्र में खड़ी एंबुलेंस महज दिखावे के लिए रखी गई है बिना ड्राइवर के यह एंबुलेंस क्षेत्रवासियों के लिए किसी भी तरह की मदद उपलब्ध नहीं हो पाती है। और तो और ग्रामीण जब अपने व्यवस्था से अस्पताल पहुंचते हैं तब भी उन्हें समुचित इलाज भी नहीं मिल पाता है। इन सब घटनाक्रम के बीच वहीं आधे घंटे से मौजूद एक अन्य बीमार वृद्ध महिला की आधे घंटे से गाड़ी में पड़े पड़े ही मौत हो गई जिसको भी बगीचा स्वास्थ्य केंद्र ने इलाज मुहैया नहीं कराया।
पूर्व प्रकाशित

बीते दिनों हमारे द्वारा खबर प्रकाशित करने के बाद भी ना ही बगीचा स्वास्थ्य केंद्र जागा है जिला प्रशासन इस बात की कोई सुध ले रहा है इलाके के लोग इलाज के अभाव में इसी तरह भटक रहे हैं। स्थानीय नेताओं ने पूरे घटनाक्रम से जब जिलाधिकारी को अवगत कराया तो उन्होंने तत्काल तहसीलदार को भेजकर मामले की जानकारी ली। जब हमने तहसीलदार से बात की तो उन्होंने बताया कि मौके की शिकायत उन्हें मिली है और इस बात की जांच की जाएगी ।बहर हाल देखना यह होगा कि क्या इस खबर के प्रकाशन के बाद स्थिति सुधरती है या जस की तस बनी रहती है।



