छत्तीसगढ़

CG Assembly : किसानों को धान का 2500 रूपए प्रति क्विंटल मूल्य दिलाने के लिए प्रारंभ होगी नई योजना – सीएम भूपेश

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज विधानसभा में राज्य सरकार के वर्ष 2019-20 के द्वितीय अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि हम साफ नियत से किसानों के साथ खड़े हैं, उनके साथ न्याय होगा और उनकी जेब में प्रति क्विंटल धान का 2500 रूपए जाएगा।

किसानों को धान के समर्थन मूल्य और 2500 रूपए के अंतर की राशि दिलाने के लिए नई योजना शुरू की जाएगी। सदन में चर्चा के बाद ध्वनि मत से 4 हजार 546 करोड़ 81 लाख 61 हजार 521 रूपए का द्वितीय अनुपूरक बजट पारित कर दिया गया।

सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने जो पांच सदस्यीय मंत्रिमंडलीय उपसमिति गठित की है, यह समिति बजट सत्र के पहले अपनी रिपोर्ट देगी और हम किसानों को धान का 2500 रूपए दिलाने के लिए नई योजना प्रारंभ करेंगे, जिसका प्रावधान बजट में किया जाएगा। किसानों के खाते में समर्थन मूल्य के साथ अंतर की राशि भी डाली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों का कोई भी भुगतान बकाया ना रहे। यह सुनिश्चित करने के लिए द्वितीय अनुपूरक में धान उत्पादन पर प्रोत्साहन के लिए 210 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। द्वितीय अनुपूरक को मिलाकर राज्य सरकार के वर्ष 2019-20 के बजट का आकार बढ़कर एक लाख 4 हजार 787 करोड़ रूपए हो गया है।

बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ का वित्तीय प्रबंधन देश के अन्य राज्यों से बेहतर स्थिति में है। उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा राज्यों की वित्तीय स्थिति पर जारी वर्ष 2019-20 के प्रतिवेदन का उल्लेख करते हुए कहा कि कुल बजट में से विकासमूलक कार्यों पर व्यय के मामले में छत्तीसगढ़ देश में प्रथम स्थान पर है। छत्तीसगढ़ में कुल बजट में से सामाजिक क्षेत्र पर व्यय राष्ट्रीय औसत से अधिक है। छत्तीसगढ़ में कुल ऋण दायित्व एवं ब्याज भुगतान सभी राज्यों से न्यूनतम है और छत्तीसगढ़ में कुल बजट में से कमिटेड व्यय भी देश के सभी राज्यों से न्यूनतम स्तर पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांक्रीट का जंगल बनाना नहीं, बल्कि मानव विकास हमारा लक्ष्य है। द्वितीय अनुपूरक में उन मुद्दों को शामिल किया गया है, जिनका इंतजार प्रदेश की जनता 19 वर्षों से करती आ रही हैं। श्री राम वन गमन पथ निर्माण एवं उन्नयन परियोजना का कार्य तत्काल प्रारंभ करने के लिए द्वितीय अनुपूरक में 5 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। इस मार्ग को विकसित करने के लिए 92 करोड़ का कॉन्सेप्ट प्लान तैयार किया गया है।

बघेल ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने सर्वाधिक समय रायपुर में बिताया था। वर्ष 1877 से 1879 तक वे रायपुर के बूढ़ापारा स्थित डे भवन में रूके थे। इस भवन को ‘स्वामी विवेकानंद स्मृति संस्थान’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए द्वितीय अनुपूरक में एक करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। महिलाओं और बच्चों के विरूद्ध अपराध प्रकरणों के त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रेक कोर्ट की स्थापना के लिए द्वितीय अनुपूरक में 10 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। श्री बघेल ने कहा कि अमृत मिशन योजना के अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल व्यवस्था सिवरेज, पार्क इत्यादि मूलभूत सुविधाओं के लिए द्वितीय अनुपूरक में 300 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

नगरीय निकायों की जल आवर्धन योजना के लिए 25 करोड़ रूपए का, स्वच्छ भारत मिशन में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट के लिए 17 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। बिजली के घरेलू उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक के बिजली बिल में आधी छूट की योजना के लिए द्वितीय अनुपूरक में 282 करोड़ रूपए, स्टील उद्योगों के रियायती पैकेज के लिए 424 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय राजनांदगांव के भवन निर्माण के लिए 76 करोड़, मेडिकल कॉलेज अम्बिकापुर भवन के लिए 50 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। एकीकृत बाल विकास परियोजना में मानदेय भुगतान के लिए 164 करोड़ रूपए और अनुसूचित जनजाति पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए 89 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की अपनी सीमाओं और भारतीय संविधान में कहीं कोताही होती है तो राज्य के उपायों का दायरा बढ़ाना पड़ता है। पिछले 15 सालों में जनता को अपनी जड़ों से काटने का षडयंत्र किया गया, उससे निजात दिलाने का हमारा अभियान सबसे पहला अभियान था, जो जारी है और जारी रहेगा। इस क्रम में हमने सिर्फ हरेली, तीजा-पोरा, विश्व आदिवासी दिवस, भक्त माता कर्मा जयंती, छठ पूजा, भाई दूज (मातर) जैसे त्यौहारों को अपनी माटी की सुगंध से ही नहीं जोड़ा, बल्कि अब इसका विस्तार भी कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ लोक रंगों की धरती है। हमारे यहां छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी, दोरली, सरगुजिया हर बोली-भाषा का अपना संसार है और सबकी अपनी ऊंचाई है। हमे मौका मिला तो हमने डॉ. नरेन्द्र देव वर्मा द्वारा रचित ‘अरपा पैरी के धार को गीत को राजगीत का गौरव दिया। जिस तरह हमने हरेली को बचाया, राजिम मेले को बचाया उसी तरह छत्तीसगढ़ के हर अंचल की बोली-भाषा-संस्कृति-साहित्य सब हम बचाएंगे।

मुख्यमंत्री ने इस संदर्भ में कवि मीर अली मीर की कविता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहली बार आदिवासी संस्कृति के संरक्षण और प्रोत्साहन के लिए रायपुर में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय युवा एवं खेल महोत्सव का विकासखण्ड, जिला और राज्य स्तर पर आयोजन किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना शुरू की जाएगी। जिसमें 5 लाख रूपए तक वार्षिक इलाज की सुविधा मिलेगी। इस योजना का लाभ प्रदेश के लगभग 56 लाख पात्र परिवारों को मिलेगा। दुर्लभ बीमारियों के इलाज के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना प्रारंभ की जाएगी। जिसके तहत इलाज के लिए 20 लाख रूपए तक आर्थिक सहायता दी जाएगी।

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