केंद्र द्वारा छत्तीसगढ़ से धान खरीदी पर इनकार किए जाने के बाद केंद्र और राज्य सरकार के बीच ठन गई है। एक तरफ जहां केंद्र के इस फैसले को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राज्यपाल अनुसुइया उइके ने केंद्र को पत्र लिखकर पुनर्विचार का आग्रह किया है तो वहीं दूसरी तरफ केंद्र अपने फैसले पर अडिग है।
केंद्र सरकार के इस फैसले के खिलाफ अब कांग्रेस सड़क की लड़ाई लड़ने पर आमादा है। इसी सिलसिले में 2 नवंबर को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सभी प्रदेशों के कांग्रेस अध्यक्षों व महासचिवों की बैठक बुलाई है जिसमें चांवल का कोटा कम किए जाने व धान खरीदी को लेकर आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी।
कांग्रेस नेता इस मामले को लेकर दिल्ली में जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन की तैयारी में हैं। गौरतलब है कि केंद्र ने सेंट्रल पूल में छत्तीसगढ़ का धान लेने से इनकार कर दिया है।




