inh24छत्तीसगढ़

रायपुर – कोरोना ईलाज में अगर लिया ज्यादा फीस या बरती लापरवाही तो होगी शिकायत, होगी अब अस्पतालों की निगरानी

सरकारी अस्पतालों के साथ ही जिले के 28 निजी अस्पतालों में भी कोविड सेंटर बनाए गए हैं, जहां कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार किया जा रहा

छत्तीसगढ़ में लगातार आ रही शिकायतों के बाद अब कोविड का इलाज कर रहे निजी अस्पतालों की निगरानी का फैसला लिया गया है। इसके लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है। रायपुर कलेक्टर द्वारा इस सम्बन्ध में आदेश जारी किया गया है।

Read Also –7वें CSR इंडिया समिट एवं एक्सपो में जेएसपीएल फाउंडेशन की चेयरपर्सन शालू जिन्दल ने ग्रहण किया सम्मान

बता दें कि कोविड का इलाज कर रहे निजी अस्पतालों द्वारा यदि किसी तरह की मनमानी की जाती है या मरीजों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है, तो वे इसकी शिकायत कर सकेंगे। गौरतलब है कि सरकारी अस्पतालों के साथ ही जिले के 28 निजी अस्पतालों में भी कोविड सेंटर बनाए गए हैं, जहां कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार किया जा रहा है। निगरानी में सुविधा हो और व्यवस्था बनी रहे, इसके लिए 10 अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

Read Also – लाकडाउन के चलते पिछले छह माह से बंद है न्यायालय, आर्थिक संकट से गुजर रहे वकील, सरकार से मदद की लगाई गुहार

व्यवस्था के अनुसार एक अधिकारी के अधीन 2 से 3 हॉस्पिटल रहेंगे, जिनके संदर्भ में प्राप्त शिकायतों का निराकरण उन्हें करना होगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। इस संदर्भ में नोडल अधिकारियों की एक बैठक भी शनिवार को कलेक्टोरेट स्थित रेडक्रॉस भवन में बुलाई गई है, जहां इससे संबंधित जानकारी और आवश्यक दिशा निर्देश दी जाएगी।

Read Also – शादी करने भागे युवक युवती हादसे का हो गए शिकार, दो बाइक में जबरदस्त हुई टक्कर, हालत नाजुक

आपको बता दें कि बीते दिनों निजी अस्पतालों द्वारा कोविड सेंटर शुरू किए जाने के बाद से ही कई तरह की शिकायतें सामने आने लगीं। निजी अस्पतालों की मनमानी से लेकर इलाज में आनाकानी तक के मामले सामने आए। इससे संबंधित एक बिल भी वायरल हुवा था। इन्ही बढ़ रही शिकायतों और अव्यवस्था को देखते हुए निजी अस्पतालों को नियंत्रित करने का फैसला लिया गया है।

Read Also – 5 मिनट में आ रहा बोल निकला डॉक्टर फिर ट्रेन के सामने कूद कर ली आत्महत्या, परिजन हैरान

आदेश में कहा गया है कि प्राइवेट हॉस्पिटल में कोरोना उपचार के दौरान मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी होने की स्थिति में, रेफरल संबंधी समन्वय, अस्पतालों में उपलब्ध बेड की स्थिति, डेड बॉडी मूवमेंट प्लान, शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक फीस लेने अथवा अन्य किसी प्रकार की शिकायत के लिए निराकरण हेतु अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

Related Articles

Back to top button