
सोनु केदार सरगुज़ा : प्रदेश के ताकतवर मंत्रियों की फेहरिस्त में शुमार मंत्री अमरजीत भगत की विधानसभा क्षेत्र सीतापुर से अम्बिकापुर तक आने वाली नेशनल हाइवे की हालत इतनी जर्जर है की अस्पताल पहुंचने से पहले ही गर्भवती महिला को रास्ते मे ही प्रसव की नौबत आ गई, गनीमत रही की एम्बुलेंस के स्टाफ के सहयोग से महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया और माँ और बच्चा दोनो स्वस्थ हैं।
दुर्भाग्य की बात यह है की लगातार इस क्षेत्र से चौथी बार विधायक बने अमरजीत भगत का मुख्य चुनावी मुद्दा यह सड़क रही है, वो इस सड़क के निर्माण के लिये सड़क और लेट कर आंदोलन तक कर चुके हैं, लेकिन अब जब वो खुद सरकार में हैं तब भी इस सड़क का निर्माण कछुआ गति से ही चल रहा है। फ़िलहाल नवजात व प्रसूता पूर्ण रूप से सुरक्षित है और दोनों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एमसीएच में भर्ती कराया गया है।

बताया जा रहा है कि बतौली निवासी 19 वर्षीया कुंती को प्रसव पीड़ा होने पर परिजन द्वारा बतौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। महिला 7 माह की गर्भवती थी लेकिन प्रसव पीड़ा बढ़ने व हालत में सुधार नहीं होने पर डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल रिफर किया था। मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाते समय लुचकी घाट के नीचे महिला की प्रसव पीड़ा बढ़ गई जिसके बाद एम्बुलेंस में मौजूद ईएमटी सत्येंद्र व पायलट इरफ़ान द्वारा परिजन की मदद से महिला का सुरक्षित प्रसव एम्बुलेंस में ही कराया गया जिसके बाद जच्चा बच्चा को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है की अधिक जर्जर खराब सड़क पर बनने वाले मुहावरे यहां आखिर सच होते दिख रहे हैं। 15 वर्षों से जर्जर पड़ी इस सड़क का निर्माण अब तक पूरा नही हो सका है।



