यूरिक एसिड कम करने का आयुर्वेदिक इलाज, अपनाएं आसान तरीका |

यूरिक एसिड (Uric Acid) लेवल अगर सामान्य से ज्यादा बढ़ जाता है तो शरीर में दिक्कत पैदा कर सकता है। अगर प्यूरिन से युक्त ज्यादा खाना खाते हैं तो भी यूरिक एसिड की समस्या देखनी पड़ सकती है। यूरिक एसिड से जोड़ों में दर्द, गाउट आदि की समस्या देखने को मिल सकती है। यह हमारे ऑर्गन के लिए भी काफी खतरनाक होता है इसलिए इसका इलाज करवाना काफी जरूरी होता है।
अगर यूरिक एसिड को ठीक करना चाहते हैं तो आयुर्वेद द्वारा सुझाए गए कुछ जड़ी-बूटियों के पत्तों और तनों का प्रयोग कर सकते हैं। इसके प्रयोग करने से बहुत लाभ मिलते हैं और यह काफी प्रभावी इलाज भी माना जाता है। ऐसा देखने को मिला है कि जो लोग यूरिक एसिड में इस इलाज का प्रयोग करते हैं उसे फिर दवाइयों और महंगे इलाज की भी कोई जरूरत नहीं पड़ती है। आइए जानते हैं यह कौन सी जड़ी-बूटी है और यूरिक एसिड में किस तरह लाभदायक है।
यूरिक एसिड कम करने का आयुर्वेदिक इलाज
- गिलोय का प्रयोग यूरिक एसिड लेवल को नियंत्रित करने के लिए किया जा सकता है। अगर घर पर ही इसका पेड़ है तो काफी आसानी से इसे प्रयोग कर सकते हैं। सबसे पहले ताजी पत्तियों को तोड़ें और उन्हें रात भर पानी में भिगो दें। अगले दिन सुबह एक गिलास पानी में इसे उबाल दें और छान कर पानी को पी लें।
- अगर इस तरह इसका सेवन नहीं करना चाहते हैं तो जूस की फॉर्म में या फिर गिलोय की टैबलेट्स की फॉर्म में भी इसका प्रयोग कर सकते हैं। इसका पाउडर भी आसानी से उपलब्ध होता है।
- कुछ अन्य दवाइयों जैसे आंवला, एलोवेरा और कैशोर गुग्गुल जैसी दवाइयों का प्रयोग भी यूरिक एसिड को कम करने के लिए किया जा सकता है। लेकिन खुद से ही हमेशा इलाज करना शुरू न करें। एक बार अपने डॉक्टर से इस बारे में जरूर पूछ लें नहीं तो दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।





