
आशीष शर्मा – महाराष्ट्र में तेजी से बढ़ रहे कोरोना के मामलों के बीच रोजी-रोटी की तलाश में गए मजदूर अब लॉक डाउन के भय से घर वापसी करने लगे हैं। बीते मार्च माह में कोरोना की चेन तोड़ने किए गए लॉकडाउन बाद रोजी-रोटी की तलाश में विभिन्न राज्यों में गए मजदूरों को सैकड़ों किलोमीटर का सफर पैदल ही तय करना पड़ा था।
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बता दें कि लॉक डाउन के समय देश के विभिन्न राज्यों से मजदूर कई राज्यों को पार कर पैदल ही अपने घर तक पहुंचे थे। इसके बाद हालात सामान्य होते गए और मजदूर एक बार फिर रोजी-रोटी की तलाश में निकल गए। वहीं अब कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र गए मजदूरों को एक बार फिर ऐसे ही हालात का भय सताने लगा है। मजदूर लॉकडाउन की आशंका से अब महाराष्ट्र से घर वापसी करने लगे हैं। बड़ी संख्या में मजदूर महाराष्ट्र से छत्तीसगढ़ लौट रहे हैं।
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हालांकि प्रशासन के द्वारा छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र की सीमा पर महाराष्ट्र से लौटने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है और वहीं छत्तीसगढ़ में वे किस स्थान पर जा रहे हैं इसकी जानकारी भी ली जा रही है। छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र जाने वाली बसें खाली चल रही है तो वहीं महाराष्ट्र से छत्तीसगढ़ आने वाली बसों में बड़ी संख्या में यात्री लौट रहे हैं। रोजी-रोटी की तलाश में महाराष्ट्र गए छत्तीसगढ़ के मजदूरों को लॉक डाउन का भय सता रहा है। बीते वर्ष लॉक डाउन की वजह से मजदूरों को बस और ट्रेन बंद होने के चलते पैदल ही आना पड़ा था।
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अब मजदूरों को लगने लगा है कि अगर ऐसे हालात हुए तो उन्हें फिर पैदल जाने की नौबत आ सकती है, इसी आशंका को देखते हुए मजदूर बस ट्रेन सहित विभिन्न माध्यम से लौटने लगे हैं। छत्तीसगढ़ महाराष्ट्र सीमा पर बसों व अन्य निजी वाहनों से आने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग जा रही है, लेकिन ट्रेन से आने वाले लोगों की किसी प्रकार की जांच नहीं हो रही है, इससे कोरोना के फैलने का खतरा बना हुआ है।




