छत्तीसगढ़ में कोरबा पुलिस ने लूट की सनसनीखेज वारदात को 15 घंटे के भीतर सुलझाने में सफलता हासिल की है। लूट की इस वारदात को किसी शातिर अपराधी ने नही बल्कि कोल ट्रांसपोर्ट कंपनी के असिस्टेन्ट कैशियर ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी असिस्टेन्ट कैशियर से साढ़े 10 लाख रुपये भी जप्त किये है। बता दें कि दीपका थाना क्षेत्र में स्थित सैनिक माइनिंग कोल् ट्रांसपोर्ट कंपनी के दफ्तर में शनिवार की रात नकाबपोश अपराधियो ने गार्ड को बंधक बनाकर 31 लाख रुपये की लूट कर फरार हो गए थे।
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मामले में बंधक बने गार्ड से पूछताछ के बाद पूरे घटनाक्रम में स्थानीय लोगो की मिलीभगत की बात सामने आई जिसके बाद इस सनसनीखेज लूट को सुलझाने एस.पी.अभिषेक मीणा ने घटना से जुड़े बातों की जुड़ी कड़ियों को पुलिस टीम ने जाँच में लिया और गार्ड और आफिस स्टाफ से पूछताछ शुरू करने के 15 घंटे के भीतर ही सारे घटनाक्रम से पर्दाफाश हो गया। मामले में पुलिस ने सैनिक माइनिंग के असिस्टेंट कैशियर जे.एल.प्रसाद को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो सारा मामला सामने आ गया।
कड़ाई से पूछताछ में कैशियर ने अपना गुनाह कबूल कर लिय। पुलिस ने आरोपी से लूट के साढ़े 10 लाख रुपये जप्त किये है इसके साथ ही वारदात में शामिल आरोपी के बाकी साथियों को गिरफ्तार कर पुलिस रकम बरामद करने में जुटी हुई है। लूट का आरोपी जे.एल.प्रसाद सैनिक कोल ट्रांसपोर्ट कंपनी में पिछले 20 साल से कार्यरत था। कोरबा एस.पी.अभिषेक मीणा ने बहुत जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा करने की बात कही है।



