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खून में ऐसे बनाए रखें अपना ऑक्सीजन लेवल, कोरोना काल में जान लीजिए जरुरी बात

ऑक्सीजन हमारी लाइफ लाइन है, जो रक्त के माध्यम से शरीर के विभिन्न अंगों तक पहुंचती हैं, ताकि सारे अंग सुचारु रूप से कार्य कर सकें. इसलिए रक्त में ऑक्सीजन की कमी होने से शरीर पर बुरा असर पड़ता है, वे डैमेज हो सकते हैं, जो मरीज के लिये घातक हो सकते हैं.’ बेहतर होगा कि हम अपने ऑक्सीजन लेबल को प्राकृतिक रूप से मेंटेन रखें, और इसके लिए हमें खान-पान पर विशेष ध्यान देना होगा. आइये जानतें कि हम किन खाद्य-पदार्थों का सेवन करें और किनका नहीं, ताकि रक्त में ऑक्सीजन लेबल नेचुरल तरीके से मेंटेन रहे.

प्रतिदिन 2 किवी खाएं – किवी रक्त में ऑक्सीजन लेबल बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम होता है. इसमें विटामिन C और कई एंटीऑक्डिेंट होते है, जो हमें बाह्य संक्रमण से बचने की शक्ति देते है. इसमें निहित पोषक तत्‍व (nutrients) हमारी प्रतिरक्षा शक्ति को बढ़ाने में हमारी मदद करता है.. किवी फलों में प्राकृतिक एंजाइम होते है जिन्‍हें एक्टिनिडिन कहा जाता है. इसलिए प्रतिदिन सुबह शाम एक-एक किवी अवश्य खायें. यह भी पढ़ें: कोरोना से संबंधित आयुष विशेषज्ञों से ले सकेंगे घर बैठे नि:शुल्क सलाह, इन नंबरों पर करें कॉल

स्ट्रॉबेरी एवं ब्लूबेरी – स्ट्रॉबेरी एवं ब्लूबेरी में एंथोसायनिन और फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो हानिकारक कोलेस्ट्रोल यानी LDA को कम करने का कार्य करता है. हृदय की समस्या हो या फिर रक्तचाप की, ये सारी समस्याएं रक्त में मौजूद उच्च कोलेस्ट्रोल की वजह से होता है. इसके लिए ब्लूबेरी का सेवन अच्छे कोलेस्ट्रोल के स्तर को बेहतर करने में मदद कर सकता है. इसलिए, कोलेस्ट्रोल की समस्या को दूर करने लिए ब्लूबेरी या स्ट्रॉबेरी का सेवन फायदेमंद हो सकता है.

पका हुआ केला – केला में थाइमिन, रिबोफ्लेविन, नियासिन अल्ककालाइन कैरोटिनॉएड एंटीओक्सिडेंट और आयरन और फॉलिक एसिड के रूप में विटामिन A और विटामिन B प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है, जो शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बढ़ाता है, तथा रोग प्रतिरोधक शक्ति को भी बढ़ाता है. केला ऊर्जा का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है. जिन्हें ब्लड प्रेशर की समस्या होती है, उन्हें भी नियमित रूप से केला खाना चाहिए.

रक्त में आयरन का महत्व – क्या शरीर के रक्त में ऑक्सीजन का लेबल बढ़ाने में आयरन की भी कोई भूमिका होती है? डॉ बाली बताते हैं, – खून में आयरन लेवल कम होता है, तो टिश्यू को जरूरत के हिसाब से ऑक्सीजन नहीं मिलता. इससे रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो सकती है. इसी कारण कमजोरी, थकान और चक्कर आने की शिकायत होती है. इसके लिए आहार में एसिडिक विटामिन-C से भरपूर चीजों को शामिल करना चाहिए, मसलन: नींबू, संतरा, फूलगोभी और मिर्च इत्यादि.

क्या ना खायें –

 सबसे पहले तो यह जान लें कि रक्त में ऑक्सीजन बढ़ाने के लिए चिकित्सक जो भी दवाइयां या फल लेने का सुझाव देते हैं, चिकित्सक के सुझाव के अनुरूप ही होना चाहिए. दवा का डोज जब बंद करने के लिए कहा जाये तो तुरंत बंद कर दें. ओवर डोज नुकसान कर सकता है. इसके अलावा विभिन्न विटामिन्स वाले फल इत्यादि भी जरूरत से ज्यादा न लें. ये भी नुकसान कर सकते हैं.

लौंग – लौंग अथवा लौंग के तेल में सौ फायदे होने के साथ बड़ा नुकसान यह है कि लौंग का तेल रक्त को पतला करता है. अगर आप रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा कम होने का इलाज करवा रहे हैं तो किसी भी रूप में लौंग का सेवन नहीं करें. यह भी पढ़ें: Health Tips: COVID महामारी के दौरान अपने फेफड़ों को ऐसे रखें स्वस्थ, दूध में मिलाकर इन चीजों का करें सेवन

कच्चा चुकंदर – अगर आप हिमोग्लोबिन की कमी का इलाज करवा रहे हैं तो इस दरम्यान कच्चे बीटरूट का सेवन नहीं करें. यह नुकसानदेह हो सकता है. अलबत्ता चुकंदर, गाजर और ब्रोकली का सूप बनाकर पीने से लाभ होता है.

चाय – रक्त में ऑक्सीजन की कमी के दरम्यान चाय का सेवन कम से कम एक माह तक के लिए बंद कर दें. क्योंकि इसमें मौजूद ऑक्जेलेट आयरन के अवशोषण को प्रभावित करते हैं.

ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाने लिए एक नुस्खा काफी तेजी से वायरल हुआ था कि कपूर, अजवायन और लौंग में कुछ बूंदे नीलगिरी तेल डालकर उसकी पोटली बांध कर दिन में कई बार सूंघने से रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ जायेगी. बाद में विशेषज्ञों की टीम ने इसे नुकसानदेह बताया. इसलिए ऐसे किसी भी नुस्खे का प्रयोग चिकित्सक के सुझाव के बिना नहीं करना चाहिए. लेख में दिए गए किसी भी टिप्स या सुझाव को आजमाने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें.

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