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धान खरीदी के पूर्व ही सक्रिय हुए बिचौलिए, ओड़िसा से धान परिवहन हुआ शुरू, रात्रि गस्त के दौरान 60 बोरा धान जप्त |


गिरिश गुप्ता गरियाबंद:- छत्तीसगढ़ में 1 नवंबर से धान खरीदी शुरू होने वाली है इससे पहले 1 दिसंबर से धान खरीदी की जाती रही है।लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नवंबर में धान खरीदी शुरू करने की घोषणा कर दी है।इसके लिए राज्य सरकार ने जरूरी तैयारी शुरू कर दी है। ये धान खरीदी किसानों के लिए भी ये फायदेमंद होगी क्योंकि एक महीने पहले धान खरीदी शुरू होने से किसानों को धान बेचने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।जिसे देख देवभोग क्षेत्र के तस्कर अभी से सक्रिय हो चुके हैं क्योंकि छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार द्वारा समर्थन मूल्य 2500 रुपए प्रति किविंटल से धान खरीदी की जाती हैं।

गौरतलब है कि देवभोग अमलीपदर इलाके में ओडिशा के धान की आवक शुरू हो गई है।अभी ओड़िसा में 1200 से 1500 रुपये क्विंटल के दर पर धान ख़रीदी हो रही है। प्रत्येक वर्ष हमारे प्रदेश छत्तीसगढ़ की तुलना में ओडिशा के कालाहांडी जिले में धान की फसल जल्द तैयार हो जाती है। दो फसलीय होने के कारण ओडिशा में मंडी शुरू होते तक धान की कीमत काफी कम होता है। ऐसे में मुनाफा को देखते हुए किसान और व्यापारी धान को सीमा पार कर छत्तीसगढ़ के देवभोग क्षेत्र भेज देते हैं।

वंही ओड़िसा में धान का मूल्य प्रति किविंटल 12 सौ रुपए से 15 सौ रुपए प्रति किविंटल होता हैं जिसका फायदा छत्तीसगढ़ के अंतिम छोर पर बसे देवभोग क्षेत्र जो कि ओड़िसा से सटा होने और छत्तीसगढ़ में प्रवेश करने दर्जनों रास्ते होने की बजह से धान कोचिया व तस्कर उठाते हैं।जिनकी प्रशासन वर्ग में अच्छी पकड़ भी होती हैं प्रति वर्ष प्रशासन द्वारा ताबड़तोड़ कार्यवाही भी की जाती हैं।इसके बाबजूद भी जिन वाहनों को पकड़ा जाता हैं वही वाहन दो दिन बाद पुनः ओड़िसा से धान परिवहन करने में लग जाते हैं।जिससे जिससे स्पष्ठ होता हैं कि ओड़िसा से धान परिवहन करने बालो को प्रशासन का कितना भय हैं?बताना लाजमी होगा कि ओडिशा राज्य की सीमा से लगे देवभोग विकासखंड में कलेक्टर प्रभात मलिक के निर्देशानुसार लगातार अवैध परिवहन एवं भंडारण पर कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने संबंधित अनुभाग अधिकारियों को टीम बनाकर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।ज्ञात है कि जिले में भी धान खरीदी की तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। 82 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जाएगी सभी केंद्रों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा जहां अवैध परिवहन की आशंका है ऐसे 28 चेक पोस्ट बनाए गए हैं जहां सयुंक्त टीम मौजूद रहेगी।राजस्व, पुलिस एवम पंचायत विभाग द्वारा बीती रात ग्राम सुपेबेड़ा में अवैध रूप से धान भंडारण की जब्ती की गई एवं सील किया गया।

यहाँ कुल 181 बोरे धान 3 जगहों में पाए गए।इसी तरह गुरुवार को ही देवभोग अनुविभागीय अधिकारी अर्पिता पाठक के निर्देश पर खाद्य व मंडी के द्वारा रात्रि गस्त के दौरान अवैध धान परिवहन करते हुए वाहन क्रमांक C.G.19 H 3114 पिकप वाहन में 60 बोरी धान को जप्त किया गया। वाहन उड़ीसा के सिंगझर से देवभोग केंटपदर लाया जा रहा था जिसे साहयक खाद्य अधिकारी देवभोग, मंडी निरीक्षक रजनीकांत तिवारी के द्वारा जप्त कर थाना देवभोग के सुपुर्दगी में दिया गया है।बता दें कि जिसमे अभी छोटी मछलियां ही प्रशासन की पकड़ में आई हैं अभी बड़ी मछलियां तालाब के अंदर ही हैं। एसडीएम ने बताया कि अवैध परिवहन और भंडारण पर लगातार कार्रवाई की जाएगी।

आवश्यक इंतजाम किए गए

दरअसल राज्य में धान खरीदी के लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है।इस दौरान किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत न होने पाए, इसको लेकर सभी धान खरीदी केन्द्रों में आवश्यक इंतेजाम करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए है।राज्य में फिलहाल धान खरीदी के लिए नए किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया जारी है, जो 31 अक्टूबर 2022 तक चलेगी। राज्य सरकार का मानना है की इस साल किसानों की संख्या भी बढ़ रही है।धान की भी इस साल ज्यादा खरीदी होगी, इसलिए एक महीने पहले ही धान खरीदी शुरू कर दी जाएगी

किसानों की संख्या 25 लाख होने का अनुमान

राज्य सरकार ने इस साल 25 लाख से अधिक किसानों के पंजीयन का अनुमान लगाया है। पिछले साल 24.5 लाख किसानों ने धान बेचने के लिए पंजीयन करवाया था।जबकि साल 2020-21 में पंजीकृत किसानों की संख्या 21.52 लाख थी। साल 2021-22 में किसानों की संख्या 2020-21 की तुलना में ढाई लाख से ज्यादा बढ़ गई थी।अब अनुमान के मुताबिक इस साल भी 1 लाख किसानों की संख्या बढ़ सकती हैं।हालांकि ये एक अनुमान है, लेकिन 31 अक्टूबर को पंजीयन की आखिरी तारीख को वास्तविकता पता चल जाएगा।
पिछले साल से ज्यादा होगी धान की खरीदी

छत्तीसगढ़ में धान का समर्थन मूल्य बढ़ने से खेती किसानी छोड़ चुके किसान खेती की ओर वापस लौट रहे है। पिछले कुछ सालों के आंकड़ों की बात करें तो धान का पंजीकृत रकबा भी बीते तीन सालों में 25.60 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 30.26 लाख हेक्टेयर हो गया है।इस साल पंजीकृत रकबा और बढ़ने का अनुममान है। आंकड़ों पर नजर डाले तो साल 2018-19 में 80.38 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। इसके अगले साल 2019-20 में 83.94 लाख मीट्रिक टन, 2020-21 में 92.02 लाख मीट्रिक टन और 2021-22 में 98 लाख मीट्रिक टन धान की रिकॉर्ड खरीदी हुई थी।

सबसे ज्यादा छत्तीसगढ़ में धान पर एमएसपी

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य देश का इकलौता राज्य है, जहां समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के साथ-साथ खरीफ की सभी प्रमुख फसलों के उत्पादक किसानों को प्रति एकड़ के मान से 9 से 10 हजार रूपए की इनपुट सब्सिडी दी जा रही है। धान के किसानों को एमएसपी के अतिरिक्त 9 हजार रुपए इनपुट सब्सिडी दी जाती है।इससे किसानों को प्रति क्विंटल धान की बिक्री में 2500 रुपए से अधिक की कीमत मिलती है।



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