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जर्जर दरो दिवार के साये में संचालित हो रहा स्कूल, बच्चों की जान से हो रहा खिलवाड़ |


मुन्ना पांडेय अंबिकापुर- लखनपुर जंप क्षेत्र के ग्राम पंचायत चांदो के आश्रित ग्राम सोयदा में जर्जर स्कूल भवन में अध्यापन कार्य कराया जा रहा है जीर्ण हो चुके स्कूल संचालन किया जा रहा है दरअसल वर्षों पूर्व बनाया गया प्राथमिक शाला भवन की 5 साल से जर्जर होने के कारण स्कूल का संचालन करना संभव नहीं होने कारण वर्तमान में उसी जर्जर स्कूल में ही किया जा रहा है ज्ञात हो कि शासकीय प्राथमिक शाला सोयदा के प्राथमिक शाला में तकरीबन 47 छात्र छात्राएं अध्ययनरत है बिडम्बना है शासकीय प्राथमिक शाला के जर्जर भवन में अध्ययन करने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों के द्वारा बताया गया कि यह शासकीय भवन 4 साल पूर्व से जर्जर है इसकी जानकारी क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को दिए जाने के पश्चात भी आज पर्यंत किसी प्रकार का ना तो मरम्मत किया गया है और ना ही स्कूल संचालन के लिए अतिरिक्त भवन बनाया गये है इससे अध्ययन रत छात्र छात्राओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है साथ ही ग्रामीणों के द्वारा यह भी बताया गया कि विगत वर्ष में भी बरसात के समय में शासकीय स्कूल के छत के प्लास्टर गिरने कारण साथ पानी सीपेज होने से प्रधानमंत्री आवास में संचालन किया गया था।

इस संबंध में प्रधान पाठक के द्वारा बताया गया कि भवन तो जर्जर है लेकिन वर्तमान में स्कूल का संचालन इसी भवन में ही किया जा रहा है। विगत वर्ष स्कूल का संचालन बरसात के समय में गांव के एक जगह पर किया जा रहा था। वही ग्रामीणों का नाम बीडीसी प्रतिनिधि शिवा राम उपसरपंच चमन सिंह रामाशंकर यादव श्याम नारायण बनारसी यादव परमेश्वर मोहर साए कृष्णा व अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे जिन्होंने जल्द से जल्द भवन निर्माण एवं मरम्मत कार्य के लिए मांग की गई।

वही विकास खंड शिक्षा अधिकारी सूरज प्रताप सिंहके द्वारा इस संबंध में पूछे जाने पर बताया गया कि विकासखंड में कई ऐसे स्कूल जर्जर अवस्था में है जिसकी जानकारी मंगाई गई है तथा इसका पोर्टल में भी संधारण किया जा रहा है, जानकारी मंगाए जाने के पश्चात भवन का डिस्मेंटल करेंगे इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों के द्वारा दिए जाने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी वर्तमान में किसी भी स्कूल का संचालन जर्जर स्कूल में नहीं किया जाना है यदि स्कूल काफी जर्जर है तो उसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था संस्था के प्रधान पाठक एवं प्राचार्य के द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था कर स्कूल का संचालन किया जाए





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