
खैरागढ़ निवासी एक महिला ने एसपी कार्यालय पहुंचकर पुलिस प्रताड़ना से अपने पति की मौत होने की नामजद शिकायत की है और दोषी पुलिस कर्मियों परा कार्रवाई की मांग की है।
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राजनांदगांव जिले के खैरागढ़ के वार्ड नंबर 18 निवासी पीड़िता मोनिका बाल्मीकि ने राजनंदगांव पहुंचकर कलेक्टर व एसपी के नाम एक ज्ञापन सौंपकर कहा कि खैरागढ़ पुलिस की प्रताड़ना से उसके पति ने आत्महत्या की है। पीड़िता ने खैरागढ़ थाने में पदस्थ उप निरीक्षक मनीष सेंड, सहायक उपनिरीक्षक आना राम साहू और एक महिला आरक्षक के खिलाफ मारपीट व प्रताड़ना का आरोप लगाया है। कार्रवाई की मांग करने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची पीड़िता ने कहा कि उसका पति स्टेट बैंक की शाखा के एटीएम का केयरटेकर था।
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शासकीय रुपये 32 लाख के गबन की पूछताछ के लिए पुलिस ने संदेह पर उसे और उसके पति को बीते 9 मई को थाने बुलाया था, जहां उसकी और उसके पति की जमकर पिटाई की गई। पीड़िता मोनिका बाल्मीकि ने कहा कि उसके साथ पुरुष पुलिसकर्मी ने भी मारपीट की। पीड़िता ने कहा कि उसके पति ने कई बार कहा कि उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है लेकिन पुलिस रुपए देने दबाव बनाती रही और घर बेचकर रुपए देने भी कहा था, वहीं मारपीट के दौरान उसके पति कुमार बाल्मीकि बेहोश हो गए थे जिसे पुलिस ने खैरागढ़ के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था।
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पुलिस के द्वारा रुपयों की पूछताछ और रुपए जमा करने को लेकर लगातार प्रताड़ना का आरोप पीड़िता मोनिका बाल्मीकि ने लगाया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर मोनिका ने कहा कि पुलिस की मारपीट और प्रताड़ना से तंग आकर उसके पति ने बीते 17 मई को आत्महत्या की थी और आत्महत्या के बाद एक सुसाइड नोट भी छोड़ा था, जिसे पुलिस ने छुपा दिया है। वहीं घर से कुछ फाइलें भी पुलिस ने जप्त की है।




