थाइरोइड से लड़ने जिम ज्वाइन किया तो दो बच्चो की माँ बनी बॉडीबिल्डर

बॉडीबिल्डर में बनीं उत्तराखंड की प्रतिभा थपलियाल का नाम देश में काफी चर्चे में है। बॉडीबिल्डर के रूप में नाम कमा रही प्रतिभा थपलियाल दो बच्चों की मां है। प्रतिभा थपलियाल बताती है की उन्हें पहले बॉडीबिल्डिंग में कोई रूचि नहीं थी मगर ने 41 साल की उम्र में जा उन्हें थाइरोइड की समस्या होने लगी तो डॉक्टर ने उन्हें जिम जोई करने को कहा तभी से प्रतिभा बॉडीबिल्डिंग में रूचि लेने लगी। जिम ज्वाइन करने के बाद लगातार एक्सरसाइज करने की वजह से कुछ ही महीनों में प्रतिभा ने 30 किलो वजन भी घटा लिया था।
प्रतिभा ने 41 साल की उम्र में बनाए डोले-शोले।इसके बाद उन्होंने दो बच्चों की मां होते हुए 13वीं जूनियर मिस्टर इंडिया और सीनियर महिला बॉडीबिल्डिंग नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है।
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल की रहने वाली प्रतिभा के दो बेटे हैं। उनका एक बेटा 15 साल का है जो 10वीं कक्षा में पढ़ता है और दूसरा बेटा 17 साल का है जो कि 12वीं में पढ़ता है। प्रतिभा ने पहली बार पिछले साल सिक्किम में हुई बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। प्रतियोगिता में प्रतिभा ने चौथा स्थान प्राप्त किया था। प्रतिभा की रूचि बॉडीबिल्डिंग में तो थी पर प्रतिभा बॉडीबिल्डर बनने के लिए सहज नहीं थी क्योंकि उन्हें बॉडीबिल्डिंग के लिए छोटे कपडे पहने पड़ते थे। जब उन्होंने पहली बार ऐसा किया तो पड़ोसियों कइ तने उंनसे पड़े थे। लेकिन इन सब के बीच जब उन्हें उनके पति ने उन्हें सहयोग दिया तो प्रतिभा ने भी पीछे मुडकर नहीं देखा। प्रतिभा अब एशियन और वर्ल्ड चैंपियनशिप की तैयारी कर रही हैं।
वो हर रोज लगभग 7 घंटे जिम में बिताती हैं। इसके साथ ही प्रतिभा अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए बहुत स्ट्रिक्ट डाइट चार्ट फॉलो करती हैं। उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत की वजह से ही मेडल जीता है। उन्होंने हाल ही में मध्यप्रदेश के रतलाम में हुई 13वीं नेशनल सीनियर महिला बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है। प्रतिभा पहली बार इस चैंपियनशिप में हिस्सा ली थी। नेशनल सीनियर महिला बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में मेडल जीतने के बाद प्रतिभा का आत्मविश्वास काफी बढ़ा गया है।



