छत्तीसगढ़

किसान के हक़ में ऐतिहासिक फैसला, राजस्व विभाग के आदेश को हाईकोर्ट ने किया खारिज

किसानों की जमीन में बिल्डर द्वारा अधिकारियों से सांठगांठ कर कब्जा करने के मामले में बिलासपुर जिले के बोदरी निवासी किसान अशोक तिवारी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पटवारी, तहसीलदार और एसडीएम के द्वारा किये जा रहे भ्रष्टाचार को लेकर न्याय की गुहार लगाई थी।

कल हाईकोर्ट जस्टिस गौतम भादुड़ी के सिंगल बेंच से किसानों के पक्ष में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला आया है। हाईकोर्ट ने किसानों की जमीन में हो रही गड़बड़ियों को गम्भीरता से लेते हुए आदेशित किया है कि तहसीलदार भू-राजस्व संहिता के तहत नियम से जमीन में चांदा मुरादा का इस्तेमाल करे साथ ही याचिकाकर्ता की याचिका पर राजस्व विभाग के पूर्व में दिए गए आदेश को भी हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।

गौरतलब है कि बिलासपुर से सिर्फ 10 किलोमीटर दूर ग्राम बोदरी निवासी किसान अशोक और अन्य किसानों की जमीन पर सृष्टि कंस्ट्रक्शन नामक बिल्डर आँख लग गई। कंस्ट्रक्शन के रसूखदारों ने किसानों की जमीन से रास्ता की निकालने पटवारी से सांठगांठ कर लिया। याचिकाकर्ता के मुताबिक जो पटवारी के नक्शे में है ही नही वहां से सांठगांठ कर नियम विरुद्ध सड़क बिल्डर ने निकाल लिया। जिसकी शिकायत पीड़ित किसान ने रेवेन्यू बोर्ड को की। शिकायत पर बोर्ड ने तत्काल प्रभाव से कार्यवाई करते हुए सृष्टि कंस्ट्रक्शन के निर्माण कार्य पर रोक लगा दिया था।

कुछ समय बाद रेवेन्यू बोर्ड के नए चेयरमैन ने याचिकाकर्ता किसान के मामले में पूर्व में दिए गए तत्कालीन चेयरमैन के आदेश को निरस्त करते हुए कहा कि धारा 50 के अंतर्गत याचिकाकर्ता सीधे बोर्ड नही आ सकता। जिसको लेकर याचिकाकर्ता किसान ने हाईकोर्ट में रिट पिटीशन दायर कर याचिका दायर किया।

बता दें कि सुनवाई के बाद हाईकोर्ट जस्टिस गौतम भादुडी के सिंगल बैंच ने कहा कि याचिकाकर्ता भू-राजस्व संहिता की धारा 121 और धारा 124 के तहत पालन किया जाए और हाईकोर्ट ने निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया बावजूद इसके निर्माण कार्य चलता रहा। आहत किसान ने दोबारा याचिका लगाई। तब पुनः हाईकोर्ट का आदेश हुआ। हाईकोर्ट के आदेश की अनदेखी कर एवं पटवारी, तहसीलदार और एसडीएम की सह पर निर्माण कार्य धडल्ले से चल रहा है। इधर परेशान किसान न्याय पाने हाईकोर्ट की शरण मे दोबारा गया। जिसकी कोर्ट में लम्बी सुनवाई के बाद आज सोमवार को किसान को बड़ी राहत मिली है।

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