छत्तीसगढ़

लुटेरी दुल्हन को पकड़ने पुलिस ने भेजा नकली पुलिस वाला दूल्हा, फिर हुवा ऐसा कि लोग गए चौंक

लुटेरी दुल्हन को पकड़ने के लिए पुलिस ने उसी का पैंतरा अपनाया और नकली दुल्हन के साथ उसकी गैंग को भी गिरफ्तार कर लिया। मामला इंदौर का है जहां पुलिस ने लुटेरी दुल्हन, उसकी नकली मां व एक अन्य साथी को पकड़ा है। 10 दिन पहले ही नकली दुल्हन ने एक युवक को अपना शिकार बनाया था और उससे 85 हजार रुपए लेकर फरार हो गई थी। इस बार पुलिस ने नकली दुल्हन का पैंतरा खेला और नकली दूल्हे के जरिए न केवल उसे बल्कि उसके अन्य साथियों को भी धरदबोचा। फिलहाल लुटेरी दुल्हन से पूछताछ की जा रही है उम्मीद है कि पूछताछ में और भी मामलों का खुलासा हो सकता है।

पुलिस ने बताया कि लुटेरी दुल्हन के बारे में उन्हें दो दिन पहले शिकायत मिली थी जिसके बाद लुटेरी दुल्हन व उसकी गैंग को पकड़ने के लिए उन्हीं का पैंतरा इस्तेमाल किया गया। एक आरक्षक को नकली दूल्हा बनाकर लुटेरी गैंग से संपर्क कराया गया। एक शादी के लिए 1 लाख रुपए देने का लालच दिया गया जिससे ठगोरी दुल्हन जाल में फंस गई और उसे लगा कि नया शिकार हाथ लग गया है। शादी की बात तय होने के बाद लुटेरी दुल्हन व उसकी गैंग को शादी के लिए मोती तबेला के पास मंदिर बुलाया और जैसे ही शादी की प्रक्रिया शुरु हुई तो पुलिस बारात लेकर पहुंच गई और लुटेरी दुल्हन के साथ उसकी नकली मां व एक साथी को गिरफ्तार कर लिया। जिनसे पूछताछ की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इंदौर के सेंट्रल कोतवाली थाने में रवि ठाकुर नाम के युवक ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके एक परिचित विनोद ने उसकी शादी 10 दिन रेशमा नाम की लड़की से कराई थी। शादी रेशमा की मां व उसके रिश्तेदार की मौजूदगी में देवास में भेरूगढ़ के मंदिर में हुई थी। जिसके लिए उसने रेशमा के परिजन को 85 हजार रुपए भी दिए थे। शादी कर वो रेशमा को अपने घर इंदौर लेकर आया। घर आने के बाद रेशमा ने कहा कि उसका भाई संजय सेतू पुल पर खड़ा हुआ है जिसे मोबाइल देकर वो अभी आती है और फिर भाग गई थी।

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