
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, किसानों, कुम्हारों, मजदूरों जैसे निम्न वर्ग के लिए बहुत ही संवेदनशील माने जाते है, उनकी योजनाओं में और प्रचार प्रसार में भी इन्ही वर्गों को तवज्जो दी जाती है, इसी संवेदनशीलत का एक और उदाहरण बीते 25 अक्टूबर बार को सामने आया, जब दीवाली त्योहार को देखते हुए भूपेश बघेल ने, कुम्हारों और छोटे कारीगरों से किसी प्रकार का टैक्स लेने से मना कर दिया।
आज संबंध में आदेश जारी हुआ और खुद मुख्यमंत्री ने ट्वीट भी किया, जिसमे कुम्हारों को सभी टैक्स से छूट देने की बात कही, लेकिन धमतरी में मुख्यमंत्री के इस आदेश का पालन होता दिखाई नही दिया, नगरी इलाके के दीवाली बाजार में पंचायतों ने खुलेआम सरकार के आदेश का उल्लंघन किया और मिट्टी के दिये वगैरह बेचने आये कुम्हारों से बाजार टैक्स वसूला बकायदा रसीद भी काट कर दी।
इस आदेश के बाद अब कुम्हार कह रहे है कि, मुख्यमंत्री के आदेश के बाद भी टैक्स देना पड़े तो शिकायत किस से करें, इन कुम्हारों के लिए टैक्स में छूट एक बड़ी राहत हो सकती थी, वो थोड़ी ज्यादा कमाई अपने घर ले जा सकते थे, उनकी दीपावली और बेहतर हो सकती थी, लेकिन पंचायतों ने सरकार का आदेश नही माना।
इस मामले में जब हमने धमतरी कलेक्टर से सवाल किया तो उनका दावा था कि, जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री के निर्देश के मुताबिक आदेश जारी किया है, और टैक्स में छूट दी जा रही है, इसके बावजूद अगर कहीं टैक्स उगाही की जा रही है तो उन पंचायतों पर कार्रवाई की जाएगी, देखना होगा कि धमतरी कलेक्टर कब तक कार्रवाई करते है और सरकार की योजना का लाभ अंतिम लाभार्थी तक पहुचा पाते हैं।




