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गहरे कुएं में गिरा भालू, काफी मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम द्वारा बचाई गई भालू की जान


अंबिकापुर/ओड़गी । सूरजपुर जिले के ब्लाक मुख्यालय ओड़गी से लगे ग्राम धूर में कुएं में गिरे भालू को वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया । जहां भालू की जान बचाने के साथ रेस्क्यू आपरेशन में लगे वन कर्मचारियों और ग्रामीणों को खुद की भी सुरक्षा करनी थी। लगभग चार घंटे तक चले रेस्क्यू आपरेशन में भालू की भी जान बच गई और इंसानों को भी भालू से कोई नुकसान नहीं हुआ। बुधवार की सुबह लगभग चार बजे ग्राम धूर निवासी बाबूलाल यादव के घर से लगे कुएं के पास भालू के चिल्लाने की आवाज सुनाई दे रही थी। कुएं में एक भालू के गिरने तथा ऊपर एक भालू के जोर-जोर से चिल्लाने का स्पष्ट आभास हो रहा था। बाबूलाल यादव ने भाजपा मंडल अध्यक्ष राजेश तिवारी को सूचना दी। डर था कि कुएं में गिरे भालू की मौत न हो जाए इधर ऊपर घूम रहे भालू के ज्यादा आक्रामक होकर भोर में इंसानों पर हमला करने की संभावना बढ़ गई थी। ऐसे में सुबह -सुबह ही भालू को सुरक्षित तरीके से बाहर निकाल लेने की योजना पर काम शुरू किया गया। सुबह चार बजे तक रेंजर नरेंद्र गुप्ता के साथ वन अधिकारी, कर्मचारी मौके पर पहुंच गए थे , उसके पहले ही गांव वालों ने दो तीन लंबा बांस कुएं में डाल दिया था भालू बांस के सहारे बाहर निकलने की कोशिश करता था लेकिन थोड़ा ऊपर आने के बाद वह फिसलन की वजह से फिर नीचे गिर जाता था।

बांस से निकलने के प्रयास में फिसल कर बार-बार गिरने के कारण भालू को आराम करने का मौका देने निर्णय लिया गया। इसके लिए चारपाई अच्छा विकल्प था। एक चारपाई को कुएं में रस्सियों के सहारे बांध कर उतारा गया। उसमें मौका मिलते ही भालू बैठ गया। वह थक चुका था। वन कर्मचारियों ने भालू को आराम करने दिया। उसे बाहर निकालने कोई कोशिश नहीं हुई। धीरे-धीरे दो सीढ़ी चारपाई के नजदीक लगाई गई। कुछ बांस भी बांधे गए। इधर कुएं के पास से लोग दूर चले गए ताकि भालू इंसानो को देख विचलित न हो और बाहर निकलने के बाद किसी पर हमला न कर सकें।मौका पाकर भालू चारपाई से सीढ़ी पर आ गया और धीरे-धीरे ऊपर चढ़कर तेजी से जंगल की ओर भाग निकला। चार घण्टे के भीतर भालू को सुरक्षित बाहर निकालने में गांववालों की भी मदद वन कर्मचारियों को मिली।

ओड़गी क्षेत्र के जंगलों में भालू अधिक है। वन क्षेत्र का दायरा बड़ा होने से भालू स्वच्छंद रूप से विचरण करते है। इन दिनों गांव-गांव में आम व कटहल पका हुआ है। पका कटहल भालू चाव से खाते है। बुधवार की भोर में भी दो भालू कटहल की लालच में ही धूर बस्ती में आ गए थे जिसमें से एक भालू कुएं में गिर गया था।
ऐसे निकाला गया भालू को- 0 वन कर्मचारियों के पहुंचने से पहले ग्रामीणों ने कुएं में कई बांस रख दिए थे ताकि लंबे समय तक पानी में डूबे रहने से उसकी मौत न हो जाए।
0 फिसलन के कारण वह पानी में गिर जा रहा था। जान बचाने की कोशिश में भालू थक चुका था।उसकी आवाज कमजोर होती जा रही थी।

0 वनकर्मियों ने रस्सी से बांध कर चारपाई नीचे उतारा तो भालू उसमें आराम से बैठ गया।

0 चारपाई के नजदीक दो मजबूत सीढ़ी रखी गई। उसे बांध दिया गया। दो सीढ़ी का सहारा लेकर भालू ऊपर आया और जंगल की ओर भाग गया।

बयान-
सूचना मिलते ही टीम के साथ मैं खुद मौके पर पहुंच गया था। भालू की जान बचाने के साथ इंसानो की सुरक्षा थोड़ा चुनौतीपूर्ण था। योजनाबद्ध तरीके से चारपाई और सीढ़ी के सहारे भालू को सुरक्षित बाहर निकालने में सफलता मिल गई।

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