
छत्तीसगढ़ – अलग-अलग प्रदेशों से आ रहे अवैध शराब को लेकर राज्य सरकार भले ही कार्यवाही करने की वाहवाही लूट रही है और राज्य में शराब के राजस्व रिकार्ड में बढ़ोतरी होने का दावा कर रही है। पूर्व राजस्व मंत्री अमर अग्रवाल ने राज्य सरकार पर करारा कटाक्ष किया है।
उन्होंने कहा कि राज्य में अवैध शराब की तस्करी का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसमें हरियाणा, मध्यप्रदेश, उड़िया और झारखंड तथा अन्य प्रदेशों से अवैध शराब छत्तीसगढ़ में उतर रही है, जिसे शराब के सरकारी दुकान में ओवररेट में बेचा जा रहा है चूंकि अन्य प्रदेशों के शराब के दाम छत्तीसगढ़ सरकार के मुकाबले काफी कम है, और इसे सरकार अपने संरक्षण में तस्करी करवा रही है, ये तस्करी किसी से छिपा नहीं है, इसमें सरकार और आबकारी अधिकारियों की संलिप्तता किसी से छिपी नही है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान परिवेश में आबकारी राजस्व करीब 7.50 हजार करोड़ हो जाना था, जो कि अपने लक्ष्य से लगभग ढाई हजार करोड़ रुपए पिछे याने की पांच हजार करोड़ के आसपास पहुंची है। ये राजस्व आंकड़े राज्य सरकार को बड़ी आर्थिक क्षति का आइना दिखा रहें है।
हालांकि हमारे प्रदेश में टैक्स अधिक और कार्यवाही ऊंट के मुँह में जीरा के बराबर है। इन ढाई सालों में जहां अधिक विरोध होता है, तभी ये सरकार दिखावे के लिए कार्यवाही करती है, इस पर अंकुश लगाने के लिए राज्य सरकार और प्रशासन के बिना इच्छा शक्ति के संभव नही है।



