
सोनू केदार सरगुजा। आपने कोविड 19 वैक्सीनेशन के साइड-इफेक्ट को लेकर कई भ्रामक ख़बरें देखी और सुनी होगी… लेकिन क्या आपने वैक्सीनेशन के बाद पैरालाइसिस मरीज़ को ठीक होते देखा है तो हम आपको लिए चलते हैं सरगुजा जिले के उदयपुर विकास खंड में जहां वैक्सीन का पहला डोज लगते ही कई सालों से पैरालाइज मरीज़ अपने पैरों पर चलने लगा…इस ख़बर के सामने आने के बाद परिजन और डॉक्टर्स भी हैरान है। क्या आपने वैक्सीन का ऐसा साइड-इफेक्ट देखा है।
जो कभी चलने फिरने और रोजमर्रा के काम करने में असक्षम था आज वो अपने खेती-बाड़ी के कामों के लिए दौड़ लगा रहा है..ये ग्राम पंचायत पलका के सरनापारा निवासी संधुराम सोरी हैं… पिछले ढाई सालों से घुटने के नीचे पैरों में सूजन और लकवा होने की वजह से इनका समय बिस्तर पर गुज़र रहा था… इलाज के बावजूद भी हालत में सुधार नहीं होने से संधुराम और उनका परिवार निराश हो गया था…डोर टू डोर वैक्सीनेशन अभियान के तहत 25 अप्रैल को स्वास्थ्य कर्मचारियों ने इनको पहला टीका लगाया।

वैक्सीन लगने के बाद संधुराम के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार आने लगा और करीब पंद्रह दिनों में अपने पैरों पर चलने लगे। संधुराम सोरी के केस ने चिकित्सक और परिवार वालों को हैरान कर दिया है…जो कभी बिस्तर नहीं छोड़ सकता था आज वो अपने खेती-बाड़ी के कामों में व्यस्त रहता है….संधुराम सोरी और उनके परिजनों की खुशी का देखने को बनती है। इस मामले में बीएमओ डॉ ए आर जैन ने बताया कि पैरालाइसिस मरीज़ को कोविड 19 वैक्सीन का पहला डोज उनके घर पर दिया गया था जिससे ठीक होकर चलने वो लगा।
संधुराम के केस ने स्वास्थ्य विभाग को हैरत में डाल दिया है…और डॉक्टर सोचने पर मजबूर हो गए हैं कि कैसे उसका शरीर एंटी बॉडी के रूप में विकसित हो गया ये शोध का विषय है खैर संंधुराम का आत्मविश्वास कहे या टीका का कमाल जिसने बीमार को स्वास्थ्य बना दिया।




