
गिरीश गुप्ता गरियाबंद – वन परिक्षेत्र पांडुका के अंतर्गत जितने जत्माई घटारानी तौरेंगा, संकरा। ,दिवना , गायडबरी तलेसर, कुम्हरमरा, कुसुम पानी आदि के जंगलों में कभी एक समय हिरनों का झुंड देखा करता था पर लगातार अंधाधुन शिकार से वजूद खोते हिरणों के झुंड इक्का-दुक्का बचा है वह भी कुत्तों के हमले से मारे जा रहे हैं ऐसा ही ग्राम तौरेगा के कमार पारा में देखने को मिला जहां 3 कुत्तों ने एक हिरण को दौड़ते हुए बुरी तरीके से पकड़ कर नोच लिया लिया और जान बचाने के चक्कर में हिरण तार को कुदने की चक्कर में फस गए उसके बाद कुत्तों ने हमला तेज कर दिया और हिरण के बच्चे को बुरी तरीक़े से ज़ख़्मी कर दिया।
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वहीं पास में रहने वाले ग्रामीण नागेश तिवारी कुशल राम पकालूराम आदि ने हिरण को बचाने के लिए कुत्तों से छुड़ाकर घर लाया और पानी पिलाकर रखे थे इसके बाद इसकी जानकारी तत्काल परीक्षेत्र अधिकारी रेंजर को दी गई फिर उन्होंने तत्काल गाड़ी भेजने की बात कही और कर्मचारी भेजने की बात कही पर गाड़ी पहुंची तब तक हीरण की मौत हो चुकी थी।

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वहीं मौके पर कुसुम पानी के बीट गार्ड नेहरू राम वा चौकीदार मौक़े पर पहुँचे पर हिरण को बचाने में वे नाकामयाब रहे और-देखते हिरण की हालत खराब होते ही प्राण त्याग दिया समय रहते अगर उसे उचित उपचार मिल जाता तो शायद हिरण बच सकता था




