Gujarat Local Body Elections 2026: सोशल मीडिया स्टार Ankita Parmar लड़ेंगी स्थानीय निकाय चुनाव, BJP ने वडोदरा की पोर’ सीट से दिया टिकट

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Gujarat Local Body Elections 2026: गुजरात में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों (Local Body Elections 2026) के लिए उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही वडोदरा की राजनीति गरमा गई है. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी युवा नेता और प्रसिद्ध इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर अंकिता परमार को वडोदरा की हाई-प्रोफाइल ‘पोर’ (Por) सीट से उम्मीदवार बनाया है. पार्टी के इस फैसले ने स्थानीय संगठन के भीतर असंतोष पैदा कर दिया है, और इस सीट से प्रबल दावेदार मानी जा रही नयनाबेन परमार ने बगावत का झंडा बुलंद कर दिया है.
‘रील लाइफ’ बनाम जमीनी राजनीति
अंकिता परमार सोशल मीडिया पर अपनी तगड़ी फैन फॉलोइंग के लिए जानी जाती हैं. तीन साल पहले एक जिम ट्रेनर से राजनीति में कदम रखने वाली अंकिता तब चर्चा में आई थीं जब उन्होंने तहसील पंचायत चुनाव जीता और बाद में वडोदरा तहसील की चेयरमैन बनीं. हाल ही में उन्हें भाजपा युवा मोर्चा का प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया था. उनकी उम्मीदवारी को पार्टी द्वारा युवाओं और डिजिटल पीढ़ी को आकर्षित करने के दांव के रूप में देखा जा रहा है. यह भी पढ़े: Baramati Bypoll 2026: बारामती उपचुनाव में कांग्रेस के हटने के बाद भी सुनेत्रा पवार की राह आसान नहीं, मैदान में 22 उम्मीदवार; जानें उनके नाम
Vadodara BJP fields social media influencer Ankita Parmar for Municipal Corporation Elections. pic.twitter.com/STojg1xpZn
— News Arena India (@NewsArenaIndia) April 10, 2026
भ्रष्टाचार के आरोप और निर्दलीय लड़ने का फैसला
अंकिता परमार के नाम की घोषणा होते ही पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष रसिक प्रजापति और पार्टी के चयन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं. पोर सीट से टिकट की उम्मीद लगाए बैठी नयनाबेन परमार ने पार्टी नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए हैं. नयनाबेन ने रसिक प्रजापति पर टिकट वितरण में “पैसों के लेनदेन” का आरोप लगाया है.
नयनाबेन ने साफ कर दिया है कि वह अब झुकने वाली नहीं हैं और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगी. उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, “असलियत और ‘रील लाइफ’ के दिखावे में बहुत बड़ा अंतर होता है. पार्टी आलाकमान शायद इसे समझ नहीं पाया, लेकिन कार्यकर्ता और जनता इसे जानते हैं.”
भाजपा के गढ़ में बगावत की चुनौती
वडोदरा जिला पंचायत की पोर सीट हमेशा से राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रही है. नयनाबेन का यह भी कहना है कि भले ही वह पार्टी के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं, लेकिन उनकी विचारधारा अभी भी ‘भाजपा वाली’ ही रहेगी. हालांकि, उनके निर्दलीय मैदान में उतरने से वोटों के बंटवारे का सीधा खतरा भाजपा को उठाना पड़ सकता है.
26 अप्रैल को मतदान
गुजरात में 15 नगर निगमों, 84 नगरपालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तहसील पंचायतों के लिए चुनाव होने हैं. वडोदरा सहित अधिकांश बड़े शहरों में 26 अप्रैल, 2026 को मतदान होगा. चुनाव के नतीजे मई के पहले सप्ताह में आने की उम्मीद है. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘रील्स की रानी’ अंकिता परमार अपनी डिजिटल लोकप्रियता को असल वोटों में तब्दील कर पाती हैं या नहीं.




