
सोनु केदार अम्बिकापुर – अंबिकापुर का केंद्रीय जेल एक बार फिर से विवादों के घेरे में हैं इस बार केंद्रीय जेल अंबिकापुर पर बंदियों के लिए खरीदी की जाने वाली खाद्य सामग्री के टेंडर में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए सरगुजा कलेक्टर संजीव झा को शिकायत पत्र दिया गया है मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर सरगुजा ने शिकायत पर डिप्टी कलेक्टर की अध्यक्षता में एक जांच टीम का गठन किया है जिसमें ट्रेजरी अफसरों के साथ साथ पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को भी रखा गया है साथ ही साथ इन्हें 1 सप्ताह का समय दिया गया है कि वह समस्त दस्तावेजों की जांच करते हुए जिस प्रक्रिया का पालन किया गया है उसको देखते हुए अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
दरअसल यह पूरा मामला अंबिकापुर केंद्रीय जेल में 2020 21 में हुई खाद्य सामग्री टेंडर का है जिसमें गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है शिकायत पत्र में जेल अधीक्षक के द्वारा किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए इस टेण्डर में गड़बड़ी की बात कही गई है इतना ही नहीं दस्तावेज निकालने के लिए लगाए गए आरटीआई का भी कोई जवाब अभी तक शिकायतकर्ता को नहीं दिया गया है जिसके बाद शिकायतकर्ता ने राज्य सूचना आयोग को भी शिकायत की है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि निविदा प्रक्रिया को सही तरीके से पालन नहीं किया गया क्योंकि निविदा के शर्तों के अनुसार जितनी अमानत राशि प्रस्तुत किया जाना था उतनी निविदाकार के द्वारा अमानत राशि प्रस्तुत नहीं की गई,, जो निविदा उक्त सप्लाई के लिए आए हुए थे उनके सही या गलत होने के संबंध में कोई जांच नहीं की गई जेल अधीक्षक इस जांच समिति के अध्यक्ष थे जिनके द्वारा यह जांच की जानी थी साथ ही साथ जिस दर पर निविदाकार से अनुबंध केंद्रीय जेल अधीक्षक द्वारा किया गया वह काफी बढ़ा चढ़ाकर किया गया है क्योंकि इसके पूर्व शासन द्वारा अभी कोविड-19 के दौरान आम नागरिकों के लिए लागू किया गया था।
वही दर केंद्रीय जेल में भी लागू होता है लेकिन एक व्यक्ति विशेष फर्म को लाभ पहुंचाने के लिए इस तरह की गड़बड़ी की गई है उपरोक्त निविदा में जेल मैनुअल का भी पालन नहीं किया गया है जो कहीं ना कहीं इस बात का संकेत देता है कि टेंडर में घोर लापरवाही बरती गई है बहरहाल सरगुजा कलेक्टर ने मामले को गंभीर समझते हुए एक टीम का गठन किया गया है और 1 सप्ताह के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं जिसके बाद ही यह बात सामने आ सकेगी यह लगाए गंभीर आरोप सही है या निराधार।




