
नई दिल्ली। कथित शराब घोटाले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा खतरा पार्टी नेतृत्व पर मंडरा रहा है। इतना ही नहीं अब मुख्यमंत्री पद को लेकर भी द्विविधा की स्थिति बनी हुई है। हालाकि आम आदमी पार्टी और खुद केजरीवाल कह रहे हैं कि वो जेल से सरकार चलाएंगे। लेकिन यह कितने दिनों तक संभव होगा यह देखने वाली बात होगी। क्योंकि आप का जो भी नेता अंदर गया है वो अब तक बाहर नहीं निकल पाया है।
इस बीच पूर्व आईआरएस अधिकारी सुनीता केजरीवाल का ताजा वीडियो से कई प्रकार की चर्चाओं को बल मिला है। इस वीडियो के बाद अरविंद केजरीवाल की गैरहाजिरी में उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल को आम आदमी पार्टी और मुख्यमंत्री पद की कमान सौंपने की अटकलों को जोर मिलता नजर आ रहा है। हालांकि आम आदमी पार्टी की ओर से इस बारे में अभी कोई पुष्टि नहीं की गई है। पार्टी का यही कहना है कि अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे।
दरअसल, आप की ओर से सुनीता केजरीवाल का जो वीडियो शेयर किया गया, उसमें वह ठीक उसी अंदाज में नजर आई जैसे अरविंद केजरीवाल दिल्ली की जनता को संबोधित करते हुए नजर आते हैं। इस वीडियो में वह अरविंद केजरीवाल का वो संदेश पढ़कर सुना रही हैं जो उन्होंने गिरफ्तारी के बाद दिल्ली की जनता और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के नाम भेजा था।
इस 3 मिनट के वीडियो को देखने और समझने के बाद लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। वीडियो में सुनीता केजरीवाल ठीक उसी सेटिंग में बैठी हुई थीं जिसमें केजरीवाल अपने संदेश देने के लिए बैठते हैं। दोनों तरफ बैकग्राउंड में डॉ. बीआर अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें और राष्ट्रीय ध्वज। सुनीता केजरीवाल ने इस तरीके से सामने आकर अरविंद केजरीवाल का संदेश सुनाने के लिए भी आज यानी शहीद दिवस का दिन चुना। ऐसे में कहा जा सकता है कि आने वाले समय में जरूरत पड़ने पर सुनीता केजरीवाल ही अरविंद केजरीवाल की जगह ले सकती हैं।
देखें वीडियो….
बता दें कि केजरीवाल की गिरफ्तारी के बाद ये दूसरा ऐसा मौका था, जब सुनीता खुल कर लोगों के सामने आईं। इससे पहले उन्हें शुक्रवार को केजरीवाल की गिरफ्तारी पर पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए देखा गया था। सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सुनीता केजरीवाल ने कहा था कि पीएम मोदी ने सत्ता के अहंकार में आकर केजरीवाल को गिरफ्तार करवाया है। उन्होंने इसे दिल्ली की जनता के साथ धोखा करार दिया था। ऐसे समय में केजरीवाल की गैरहाजिरी में उन्हें पार्टी और सीएम पद की कमान सौंपे जाने की चर्चा है।




