तेज बारिश से हुई अब तक 112 लोगो की मौत, मृतकों की संख्या में रायगढ़ जिले के अधिक लोग शामिल..

महाराष्ट्र में भारी बारिश की वजह से जनजीवन अस्त व्यस्थ हो गया है। बारिश और भूस्खलन के कारण अब तक करीब 112 लोगों की मौत हो चुकी है। मृतकों में सबसे अधिक रायगढ़ जिले के 52 लोग शामिल हैं। राज्य में कम से कम 1,35,313 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया गया है, जिनमें पश्चिमी महाराष्ट्र के सांगली जिले के 78,111 और कोल्हापुर जिले में 40,882 लोग शामिल है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि महाराष्ट्र में बारिश, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के जेईई-मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने का एक और मौका मिलेगा।
सांगली और रायगढ़ जैसे जिलों में बारिश और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। सांगली जिले में कई इलाके पूरी तरह डूब चुके हैं। सड़कें और खेत सब जगह सिर्फ पानी ही पानी है। स्थानीय लोग हालात पर नजर रख रहे हैं और जलस्तर बढ़ने पर लोगों को अलर्ट करते हैं।
स्थानीय युवक सुमित ने कहा, ”स्थिति ठीक नहीं है। पानी अब समडोली की तरफ घट रहा है। कई कार भी फंसे हुए हैं।” जलस्तर पर नजर रख रहे एक अन्य ग्रामीण प्रमोद ने कहा, ”हम यहां बैठकर नजर रख रहे हैं कि बाढ़ का पानी समडोली में ना घुसे। यदि पानी बढ़ जाता है तो हमारा डेली रूट बंद हो जाएगा।” सांगली जिले के कई इलाके पानी में डूबने की वजह से आसपास के गांवों के लोग समडोली में शरण लिए हुए हैं।
इससे पहले शनिवार को एनडीआरएफ ने कहा कि महाराष्ट्र के रत्नागिरी, रायगढ़ और सतारा जैसे जिलों में लापता लोगों की तलाश युद्ध स्तर पर की जा रही है। एनडीआरएफ ने बताया कि 26 टीमें मुंबई, ठाणे, रत्नागिरी, पालघर, रायगढ, सांगली, सिंधुदुर्ग नगर और कोल्हापुर में बचाव कार्य में जुटी है। कोलकाता और वडोदरा से 8 और टीमों को एयरलिफ्ट किया जा रहा है।




