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तूफान अम्फान बदल रहा प्रचंड चक्रवात में, बस्तर में दिखेगा असर, 24 घंटे के अंदर यह है अनुमान

चक्रवात ‘अम्फान’ के खतरे के मद्देनजर रविवार को ओडिशा और पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम तैनात कर दी गईं। ओडिशा ने कहा कि वह इस चक्रवात से बुरी तरह से प्रभावित होने वाले 11 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए तैयार है। छत्तीसगढ़ में बस्तर क्षेत्र चूंकि ओडिशा से लगा हुआ है इसलिए इस तूफान का असर बस्तर में भी देखने को मिल सकता है।

एनडीआरएफ के महानिदेशक एस एन प्रधान ने नयी दिल्ली में कहा कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की रविवार सुबह की एक रिपोर्ट के अनुसार चक्रवात ‘अम्फान’ बंगाल की खाड़ी में एक प्रचंड चक्रवाती तूफान में तब्दील हो रहा है और संभवत: अगले 24 घंटों में यह अत्यधिक प्रचंड चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसका पथ मुख्य रूप से पश्चिम बंगाल, सागर द्वीप समूह और शायद बांग्लादेश की ओर है…लेकिन हमें इस पर करीबी नजर रखनी होगी. एनडीआरएफ ने समय रहते अपनी टीम तैनात कर दी हैं. वे या ता तैनात कर दी गई हैं या गंतव्य की ओर बढ़ रही हैं.” चक्रवाती तूफान के भारतीय तट की ओर बढ़ने के चलते ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के कई तटीय जिलों में तेज रफ्तार हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना है।

कोलकाता में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जी के दास ने बताया कि यह तूफान 20 मई की दोपहर और शाम के बीच में अत्यधिक प्रचंड चक्रवाती तूफान के तौर पर पश्चिम बंगाल में सागर द्वीपसमूह और बांग्लादेश के हतिया द्वीप समूह के बीच पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तटीय क्षेत्रों से गुजर सकता है।

ओडिशा के सात जिलों में 10 टीम तैनात की गई हैं. ये जिले पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, जाजपुर, भद्रक, बालासोर और मयूरभंज हैं. एनडीआरएफ की एक टीम में लगभग 45 कर्मी होते हैं. ओडिशा ने बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल करने, सड़कों को साफ करने, राहत एवं बचाव अभियान फौरन शुरू करने के लिए भी खाका तैयार कर लिया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक चक्रवात बुधवार को पश्चिम बंगाल में दस्तक दे सकता है।

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