बिजनेस

पेट्रोल और डीजल के बाद अब खाद्य तेलों की कीमतें बेकाबू गृहणियों का बजट बिगाड़ रहा है तेल, 50 रुपये तक महंगा

कुश अग्रवाल – शादी-विवाह के मौसम तथा त्योहारी सीजन की मांग के साथ खाद्य तेलों का स्टॉक खाली होने से तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को लगभग सभी तेल-तिलहनों के भाव में जोरदार तेजी देखने को मिला है।
बाजार सूत्रों का मानना है कि खाद्य तेल के मामले मे महंगाई बेकाबू होती दिखाई दे रही है, हालत यह है कि बीते 5 माह में ही तेल के दाम मे 40 से 50 रुपये लीटर तक का इजाफा हो चुका है।

तेल के दाम मे तेजी मांग व पूर्ति में अंतर होने सहित अन्य कारणों से बताई जा रही है। थोक व्यापारी विनोद अगाची ने बताया कि फिलहाल दाम के कम होने के आसार दिख भी नही रहे हैं। रिटेल मे तेल रिकॉर्ड 140 से 150 रुपये लीटर तक बाजार मे बिक रहा है। इस भाव पर भी महंगा तेल खरीदने को लोग मजबूर है। क्षेत्र मे खरीफ सीजन मे उम्मीदों के साथ बोई गई सोयाबीन फसल पर अतिवृष्टि का असर पड़ा था।

इसके साथ ही बीमारियों एवं कीट व्याधियों के चलते फसल का उत्पादन कमजोर हुआ। क्षेत्र में सरसो सोयाबीन सहित अन्य उत्पादन पर विपरीत असर पड़ा। फसल बिगड़ने के असर से दालों के दाम मे भी लगातार उतार-चढ़ाव का दौर चला। सबसे ज्यादा समस्या सोयाबीन तेल को लेकर चल रही है। अधिकांश लोग खाने मे सोयाबीन तेल का ही उपयोग करते है।

तेल पर दो से पांच रुपये का उतार-चढ़ाव से ही लोगो को फर्क पड़ने लगता है, लेकिन पांच माह में सायाबीन तेल मे 40 रुपये लीटर तक की बढ़ोतरी हो गई है। अब तो उपभोक्ता के साथ ही साथ छोटे छोटे दुकानदारो की भी हालत खराब हो गई है रोज तेलो में तेजी होने से उन्हें भी ग्राहकों को बढ़ा कर बेचना पड़ रहा है जिससे कभी कभी विवाद की स्थिति भी बन जाती है।

Related Articles

Back to top button