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वैसे बेटियों को बचाने को ले कर समाज में ना जाने कितने अभियान चला रहे हैं पर समाज में अभी भी कई लोग हैं जो बेटों की लालसा में बेटियों की जान ले लेते हैं

भिंड: कहने को तो बेटियों को घर की इज्जत और बाप के सिर का ताज माना जाता है, पर क्या मतलब जब उस ताज को ही बाप उतार कर फेंक दें। बाप के दहलीज की लाज होती है बेटी, कहते है पिता को सबसे प्यारी होती है बेटी। लेकिन आज बात एक ऐसे बाप की, जो बेरहम था। जो बेगैरत था। जो कातिल था, अपनी ही घर की खुशियों का। बीवी के प्रेगनेंट होते ही बेटे की हसरत पालने वाले दरिंदे के घर जब खुशियों की बेटी जगमगाई, तो उसकी आंखों में अंधेरा छा गया। फिर क्या हुआ, आइए देखते हैं।

दरअसल, मामला मध्यप्रदेश के भिंड जिले का है। जहां के भरौली गांव में रहने वाले अनार सिंह राजावत को बेटे की हसरत थी, मगर हो गई बेटी। बेटी पैदा होने पर मासूम की मां शालिनी राजावत तो प्रताड़ना का शिकार हुई ही। हैवान बाप की नजर बेटी की मासूम जिंदगी पर भी थी। उसे बेटी के कत्ल का मौका तब मिल गया, जब शालिनी वॉशरुम गई। लौटते तक मासूम के गले में गहरा घाव था। मुंह से झाग निकल रहा था और वो दर्द से तड़प रही थी। शालिनी के मुताबिक उसके पति ने अपनी बेटी का गला बनियान से कसकर दबा दिया।

शालिनी अपनी घायल बेटी को अस्पताल ले जाने के लिए मिन्नतें करती रही, मगर दरिंदा नहीं माना। आखिरकार शालिनी बच्ची को लेकर एसपी दफ्तर पहुंची। एसपी ने तत्काल सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। मासूम बच्ची अस्पताल में है और खतरे से बाहर है।

सरकारें करोड़ों का बजट रख रही हैं कि लोग बेटी बचाएं। समाज जागरुकता अभियान चला रहा है। लेकिन जब तक अनार सिंह जैसे एक भी दरिंदा इस समाज में है। बेटियां महफूज नहीं।

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