सुबह खाली पेट करें इन पत्तियों का सेवन, जानें क्या है रामबाण फायदे

ब्राह्मी एक औषधीय पौधा है। आयुर्वेद में ब्राह्मी के बारे में कई बातें बताई गई हैं। ब्राह्मी का सेवन करने से कब्ज की समस्या दूर होती है। इसके साथ ही रोजाना सुबह खाली पेट ब्राह्मी का सेवन करने से दिमाग बूस्ट होता है। सुबह उठकर खाली पेट ब्राह्मी का सेवन करने के कई फायदे होते हैं।
याददाश्त बढ़ाता है- ब्राह्मी का सेवन करने से याददाश्त बढ़ती है। ब्राह्मी के पाउडर का सेवन दूध या पानी में मिलाकर किया जा सकता है। ये दिमाग तेज करने में फायदेमंद है।
अल्जाइमर को रोकता है– ब्राह्मी से दिमाग की नसें खुल जाती हैं। कुछ रिसर्च के अनुसार इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। ये दिमाग को नुकसान पहुंचाने वाले पदार्थों को खत्म करने में मदद करते हैं। इससे अल्जाइमर रोग की रोकथाम की जा सकती है।
ब्रेन इंफेक्शन को रोके– ब्राह्मी के सेवन से आपको दिमाग में मौजूद शिथिल कीटाणुओं को खत्म करने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं ये ब्रेन की रक्तकोशिकाओ में खून का संचार बढ़ाने का काम करते हैं।
मजबूत दिमाग– ब्राह्मी की सूखी पत्तियां और बादामगिरी को एक-एक भाग में लेकर एक चौथाई काली मिर्च की मात्रा के साथ पानी में भिगोएं। इनके मुलायम होने पर इन्हें अच्छे से मिक्स कर लें। इसके बाद इनकी 3-3 ग्राम की टिकिया बना लें। 1-1 टिकिया सुबह-शाम दूध के साथ लेने से दिमाग मजबूत होता है।
अनिद्रा (नींद न आना) – ब्राह्मी के 5 ग्रा. चूर्ण को आधा किलो दूध में अच्छी तरह उबालकर व छानकर ठंडा करें। इसे पीने से नींद न आने की पुरानी समस्या में लाभ होगा।
बंगाल का ब्राह्मी शाक (पौधा) देश में सर्वश्रेष्ठ है। बंगाल के स्वास्थ्य विभाग के वनस्पति शोध काउंसिल के मुताबिक यहां के ब्राह्मी शाक में सबसे ज्यादा बैकोसाइड ए पाया जाता है। इसके बाद देहरादून का स्थान है। बता दें ब्राह्मी स्मृति शक्ति में वृद्धि की औषधि के रूप में विख्यात है। देश के 13 शहरों से एकत्रित किए गए ब्राह्मी शाक के नमूनों पर यह शोध किया गया है।
इन शहरों में दक्षिण 24 परगना, सोलन, दिल्ली, यमुनानगर (हरियाणा), चंडीगढ़, हरिद्वार, देहरादून, अंबाला, वाराणसी, सहारनपुर और रोहतक शामिल हैं। देश में मुख्यत: इन्हीं शहरों या उनके आसपास के इलाकोंं में ही ब्राह्मी की खेती होती है। इस आशय अध्ययन की रिपोर्ट प्रतिष्ठित जर्नल क्रॉसमार्क में प्रकाशित हुई है।



