कथित शराब घोटाले को लेकर प्रदेश की राजनीति में उबाल, भाजपा कांग्रेस ने एक दुसरे पर लगाए आरोप

छत्तीसगढ़ में हुए 2000 करोड़ रुपए के कथित शराब घोटाले को लेकर प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है। छग भाजपा ने शराब समेत सभी घोटालों की त्वरित सुनवाई की मांग की है। भाजपा अध्यक्ष अरुण साव, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, सौरभ सिंह ने एकात्म परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा का यह आरोप फिर साबित हुआ है कि छत्तीसगढ़ सरकार जनता के साथ बुरी तरह लूट-खसोट कर रही है।
उन्होने कहा कि छत्तीसगढ़ का शराब घोटाला तो देश का सबसे बड़ा घोटाला है। यह केजरीवाल के दिल्ली शराब घोटाले से भी बड़ा और उससे भी अधिक संगीन है।
उन्होन कहा कि अभी तक शराब के अलावा, कोयला, चावल, सीमेंट, रेत औैर तबादला घोटाला सामने आ चुका है जिसमें कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के संसाधनों की फिरंगियों और मुगलों से भी अधिक बेदर्द तरीके से लूटा है। घोटालों की श्रृंखला में मनमोहन सरकार को भी पीछे छोड़ दिया है।
बीजेपी ने आरोप लगाया है कि शराब बनाकर दुकानों को बेचा, पैसा राजनीतिक खज़ाने में जाता था। कीमत 50 से 80 फीसदी बढ़ाने, पर राजस्व में कमी दिखाता रहा। ईडी की कारवाई होते ही शराब के राजस्व में 22 प्रतिशत की वृद्धि कैसे हो गई। कांग्रेस बोली: छत्तीसगढ़ मे ईडी भाजपा के राजनीतिक एजेंडे के मुताबिक काम कर रही है।
वहीं भाजपा की पत्रकारवार्ता के विरोध में कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा ईडी के बीच आर्गनाइज्ड पॉलिटिकल सिंडिकेट बना है। कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष अरूण साव आज फिर से ईडी के प्रवक्ता के रूप में सामने आये।
उन्होंने कहा कि वे ईडी के तथाकथित आरोपों की सच्चाई के लिये कसमें खा रहे थे। इसके पहले भी जब ईडी की कार्यवाही हुई थी तब भी ईडी से पहले पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रेस नोट जारी कर ईडी की कार्यवाही का ब्योरा सामने रखा। इन दोनों प्रकरणों से साबित हो रहा है कि छत्तीसगढ़ में ईडी भाजपा के राजनैतिक एजेंडे के मुताबिक काम कर रही है। ईडी ने कुछ एक व्यापारियों, अधिकारियों से पूछताछ करके तथा कथित रूप से यह घोषणा कर दिया कि छत्तीसगढ़ में 2000 करोड़ का शराब घोटाला कर दिया।



