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जीएसटी काउंसिल की बैठक 12 जून को, कारोबारियों को यह हो सकते हैं फायदे

कोविड़ 19 के बीच GST परिषद की पहली बैठक 12 जून को आयोजित की जा रही है। बता दें कि जीएसटी काउंसिल की यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जीएसटी काउंसिल की बैठक में कारोबारियों को राहत देने के लिए कई ऐलान हो सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक बैठक में जीएसटी लेट फीस, राज्यों को मुआवजा और कंपनसेशन सेस फंड में ज्यादा रेवेन्यू जुटाने पर चर्चा होने की संभावना है।

गौरतलब है कि कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण की शुरुआत के बाद जीएसटी परिषद की पहली बैठक होगी. कोरोना वायरस महामारी के प्रसार को रोकने के लिये मार्च से पुरे देश में लॉकडाउन लागू है. इसके कारण टैक्स कलेक्शन प्रभावित हुआ है। बता दें कि जीएसटी परिषद की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा की जाती है और इसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं।

आपको बता दें कि 14 जून को जीएसटी परिषद की संभावित बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये होगी. उल्लेखनीय है कि मार्च में आयोजित जीएसटी परिषद की 39वीं बैठक में कोरोनो वायरस महामारी के अर्थव्यवस्था पर प्रभाव के बारे में चर्चा की गयी थी. हालांकि तब भारत में इस महामारी के संक्रमण के मामले काफी कम थे और तब लॉकडाउन भी लागू नहीं हुआ था. इस बीच, वित्त मंत्रालय राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण राजस्व संग्रह में गिरावट के बावजूद जीएसटी परिषद की अगली बैठक में गैर-आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी दरों को बढ़ाने के पक्ष में नहीं है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि गैर-आवश्यक वस्तुओं पर जीएसटी की दरें बढ़ायी जाती हैं, तो इससे इन वस्तुओं की मांग और कम हो जायेगी. यह समग्र आर्थिक सुधार को बाधित करेगा। इसके साथ ही कहा जा रहा है कि जीएसटी परिषद की जून में होने वाली अगली बैठक में अप्रत्यक्ष कर ढांचे में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। उम्मीद जताई जा रही है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद राज्यों और केंद्र के लिए राजस्व बढ़ाने के लिए कुछ गैर-आवश्यक वस्तुओं पर कर की दर और उपकर (सेस) बढ़ाने पर विचार कर सकती है।

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