बॉलीवुड के गलियारों में मुगलों को लेकर छिड़ी बहस, अकबर, जहांगीर और हुमायूं को बताया ग्लेरोफाइड डकैत

बॉलीवुड। इन दिनों ‘मुगलों’ को लेकर तिखी बहस छिड़ी हुई है। बीते दिनों, डायरेक्टर कबीर खान(Kabir Khan) ने मुगलों(Mughal) को ‘राष्ट्र का असली निर्माता’ बताया था, साथ ही उन्होने फिल्मों में मुगलों को ‘हत्याुरा’ दिखाए जाने पर अपनी नाराजगी जताई थी। कबीर खान के इस बयान के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर जबरदस्त ट्रोलिंग(Trolling) का सामना करना पड़ा था।
वहीं, मशहूर गीतकार मनोज मुंतशिर(Manoj Munatshir) का वीडियो भी सुर्खियों में छा गया है। दरअसल, मनोज मुंतशिर ने भी अपना एक वीडियो हाल ही में ट्विटर पर जारी किया था। जिसमें वह अकबर, हुमायूं और जहांगीर जैसे मुगल बादशाहों( Mughal Emperors) को ग्लोरिफाइड डकैत(Glorified Dacoit) कहते नज़र आ रहे हैं। 59 सेकेंड के इस वीडियो को पोस्ट करते हुए मनोज ने लिखा था “आप किसके वंशज हैं? अपनी विरासत और अपने नायकों को चुनें!”
अपनी इस कविता में मनोज कह रहे हैं कि हम इस इस हद तक ब्रेनवॉश्ड हो गए कि अचानक हमारी प्री-प्राइमरी बुक्स में ग से गणेश हटाकर ग से गधा लिख दिया गया और हमारे माथे पर बल तक ना पड़ा। हमारे घर तक आने वाली सड़कों के नाम भी किसी अकबर, हुमायूं और जहांगीर जैसे ‘ग्लोरिफाइड डैकतों’ के नाम पर रख दिये गए और हम रिबन काटते हुए मौकापरस्त नेताओं को देखकर तालियां बजाते रह गए।”
मनोज की इस कविता को लेकर सोशल मीडिया वॉर छिड़ गई है। मनोज मुंतशिर की यह कविता, बॉलीवुड एक्ट्रेस ऐक्ट्रेस ऋचा चड्ढा, डायरेक्टर नीरज घेवान, गीतकार और पटकथा लेखक मयूर पूरी समते कई सेलेब्स के गले से नीचे नहीं उतरी है। तो वहीं, डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री समेत कई सोशल मीडिया यूज़र्स खुलकर मनोज का समर्थन कर रहे हैं।
एक्ट्रेस ऋचा चड्ढ़ा ने मनोज के उपवान ‘मुंतशिर’ का हवाला देते हुए लिखा ऋचा चड्ढा, ‘शर्मसार करने वाला। बुरी कविता। देखने लायक नहीं है। अपना उपनाम भी हटा देना चाहिए। जिस चीज से घृणा हो उससे फायदा क्यों लेना।’
बता दें कि, मध्यप्रदेश के रहने वाले मनोज ने अपने उपनाम शुक्ला को हटाकर नाम के साथ ‘मुंतशिर’ जोड़ लिया था।
वहीं मसान जैसी फिल्म बना चुके डायरेक्टर नीजर धेवना ने मनोज की इस कविता ‘कट्टरता के साथ जातिवाद का समावेश’ बताया है।
बता दें कि, मध्यप्रदेश के रहने वाले मनोज ने अपने उपनाम शुक्ला को हटाकर नाम के साथ ‘मुंतशिर’ जोड़ लिया था।
वहीं मसान जैसी फिल्म बना चुके डायरेक्टर नीजर धेवना ने मनोज की इस कविता ‘कट्टरता के साथ जातिवाद का समावेश’ बताया है।
स्क्रीन राइटर और लिरिसिस्ट मयूर पुरी ने भी अपनी नाराजगी ज़ाहिर करते हुए लिखा “नफरत का बीज क्यों, मनोज भाई? किसी भी देश का पूरी तरह से गुलाबी इतिहास नहीं है। पर राइटर्स को आग लगाने का नहीं, आग बुझाने का काम करना चाहिए। कृपया बुरा न मानें, लेकिन मैं थोड़ा निराश हूं कि आप इस तरह का काम कर रहे हैं।”
कई अन्य लेखकों ने भी मनोज की इस कविता पर अपनी नाराज़गी जाहिर की है। हांलाकि सोशल मीडिया पर मनोज मुंतशिर को जबरदस्त समर्थन भी मिल रहा है।
हर मुद्दे पर अपनी बेबाक राय रखने वाले डायरेक्टर विवेक रंजन अग्निहोत्री ने मनोज को सपोर्ट करते हुए लिखा “मनोज मुंतशिर हमेशा सार्वजनिक रुप से अपनी कविताओं में निडर होकर अपने दृष्टिकोण को व्यक्त करते रहे हैं। अगर आप अज्ञानी हैं तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह अचानक बदल गया है। मूर्ख उदारवादियों, कृपया बैठ जाइए।”




