भारत में बाघों पर इस बार सबसे बड़ा सर्वे किया गया है। सर्वे को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज किया गया है। बता दें कि ऑल इंडिया टाइगर एस्टीमेशन ने 1 लाख 21 हजार 337 वर्ग किलोमीटर में सर्वे किया। इसमें 26 हजार 760 स्थानों की अलग-अलग लोकेशन पर कैमरे लगाए गए। इनसे वन्यजीवों के 3.5 करोड़ से ज्यादा फोटो लिए गए। इनमें से 76 हजार 651 फोटो बाघ के और 51 हजार 777 फोटो तेंदुए के हैं।
आंकड़े के अनुसार भारत में बाघों की संख्या तय लक्ष्य से चार साल पहले ही दोगुना हो गई है। यह सर्वे 2018 का है जिसकी घोषणा अब की गई है। सर्वे में पाया गया कि देश में 2967 बाघ हैं। 2006 में यह संख्या 1411 थी। करीब 9 साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेंट पीटर्सबर्ग में बाघों की संख्या 2022 तक दोगुनी करने का लक्ष्य तय किया था।
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने शनिवार को ट्वीट करके इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि वन्यजीव सर्वेक्षण के लिए वास्तव में यह एक महान क्षण और आत्मनिर्भर भारत का सबसे अच्छा उदाहरण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई में भारत ने लक्ष्य से चार साल पहले ही बाघों की संख्या दोगुना करने का संकल्प पूरा किया है। जावडेकर ने मीडिया से कहा कि दुनिया में बाघों की कुल जनसंख्या का 70% भारत में है।



