रायपुर की छात्र राजनीति भाग 8 – बंगले में मंत्री को घेरा, फोन से शुरू करवाई एमएससी की क्लास
डिपो में जलती आग के बीच बसों को निकाला, प्रोफेसर ने कहा तूप तो हीरो हो, परीक्षा में कर दिए उत्तीर्ण
रायपुर में छात्र राजनीति ( भाग – 8 )
रायपुर। छात्रनेता और छात्र जिनकी दबंग के रूप में पहचान अधिक होती थी। वहीं कई ऐसे भी अवसर आए जब उनके कार्यों की सराहना हर ओर की गई। ऐसा ही एक अवसर था छात्रनेता शेषनारायण शुक्ला के नेतृत्व में किया गया एक आंदोलन। साल 1976 तक रायपुर स्थित साइंस कालेज में जियोलॉजी में बीएससी तक की ही पढ़ाई होती थी।
उसी साल मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री शीतला शाह रायपुर आए थे। उन्हें शेषनारायण शुक्ला के नेतृत्व में छात्रों ने कलेक्टर बंगले में घेर लिया। आज सिविल लाइन में जहां मुख्यमंत्री निवास है वही कलेक्टर बंगला हुआ करता था। छात्रों ने उन्हें जियोलॉजी में एमएससी की पढ़ाई शुरू करवाने की मांग की। जिस पर स्वास्थ्य मंत्री ने भोपाल में तत्कालीन शिक्षामंत्री हरिभाऊ जोशी से छात्रों की मांग पर कलेक्टर बंगले के फोन से चर्चा की। इस तरह से अगले साल 1977 से जियोलॉजी में एमएससी की पढ़ाई शुरू हो गई।
एक और घटना जिसे लोग आज भी याद करते हैं। आमानाका स्थित बस डिपो में आग लग गई थी। तब आयुर्वेदिक कालेज के अध्यक्ष डॉ प्रकाश शुक्ला थे। आग लगने की बात सुनकर कालेज के दस बारह छात्र आमानाका बस डिपो की ओर दौड़ पड़े। डॉ प्रकाश शुक्ला भी वहां पहुंच गए थे। सभी ने आग बुझाने की कोशिश शुरू कर दी। कालेज के एक छात्र धमतरी निवासी था। वह बसों को चालू कर बाहर निकालने के काम में जुट गया। आग बुझाने और जलती आग के बीच बसों को सुरक्षित निकालने का सिलसिला देर तक चलता रहा। छात्रों के इस शानदार कार्य की हर ओर प्रशंसा की गई।
उस घटना के बाद आयुर्वेदिक कालेज में छात्रों की प्रेक्टिकल की परीक्षा होनी थी। धमतरी निवासी उस छात्र की जब परीक्षा की बारी आई तो परीक्षक ने कहा ” तुम तो हीरो हो, तुम्हे परीक्षा देने की जरूरत नहीं है।” इस तरह उसे बिना परीक्षा दिए ही उत्तीर्ण कर दिया गया। उस हीरो की वर्तमान में धमतरी में प्रतिष्ठित चिकित्सक के रूप में पहिचान है।
(संकलनकर्ता- अजय कुमार वर्मा पेशे से शासकीय कर्मचारी हैं)




