गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड मुंडा गांव पंचायत में14 वे वित के राशि का हुआ बंदरबाट, भ्रष्टाचार कर पलीता लगाने में लगे कर्मचारी
आचार संहिता के दौरान 14 वे वित्त के राशि का हुआ बंदरबाट, पूर्व सरपंच सचिव द्वारा राशि निकाले साल भर बीत जाने के बाद नहीं प्रारंभ हुआ कार्य
गिरीश गुप्ता गरियाबंद – मैनपुर पंचायतों को विकास कार्यो के लिए सरकार लाखों रूपए देती हैं लेकिन पंचायत के नुमाइंदे गांव के विकास की गति को रोकने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ हैं। ऐसा ही मामला गरियाबंद जिले के मैनपुर विकाशखण्ड में देखने को मिला जहां 14 वे वित्त के राशि का दुरुपयोग कर निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार कर पलीता लगाने में लगे हुए हैं। इस मामले को जनपद सदस्य निर्भय ठाकुर द्वारा बताया कि अगर मौके पर कार्य नही हुआ है। तो जिला सीईओ को अवगत करूँगा साथ ही सरपच एव सचिव पर कार्यवाही की जाएगी ।
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मामला गरियाबंद जिले के मैनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत मुड़ागांव का हैं जहाँ पंचायत आचार संहिता के दौरान पूर्व सरपंच एव सचिव बसंत सिन्हा के द्वारा सीसी सड़क का निर्माण किया जाना था।गली साफ सफ़ाई राशी निकालकर साल भर बीत जाने के बाद भी कार्य शुरू नहीं हो पाया हैं। मुड़ा गांव पंचयात में कार्य प्रारंभ नही किया गया, वहीं मुड़ागांव के आश्रित ग्राम सर्दिपारा में सीसी सड़क निर्माण नहीं होने से ग्रामीणों को आने-जाने व जीवन यापन करने में काफी परेशानी हो रही हैं।
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इस सी सी सड़क के मामले को लेकर हमारे संवाददाता ने पूर्व सरपंच-सचिव से संपर्क कर सवाल किया तो वे गोल मोल जवाब देकर खुद को बचाने में लगे हुए हैं। मुड़ागांव के आश्रित पारा सर्दिपारा में तुकाराम घर से झरन मॉझी के घर तक सीसी सड़क बनना था।वार्ड क्र 07 में आज पर्यन्त तक सड़क ही नही बना करीब साल भर होने जारहा है।मोक्रै पर दो ट्रिप रेत भर गिरा दिया है। सर्दिपारा के ग्रामीणों तुकाराम ध्रुवा , हेमोबाई धुर्वा, पंच ख़िरमल नेताम आरोप है। साल भर होने जारहा है । अभी तक नही बना।



