छत्तीसगढ़

आरक्षण नहीं होता तो कवासी लखमा न पंच बनते, न सरपंच बनते, न विधायक बन पाते – सीएम भूपेश – cgtop36.com


रायपुर के अंबेडकर चौक में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जयंती समारोह में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संविधान और आरक्षण पर केंद्र सरकार को जमकर घेरा। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि आरक्षण का लाभ तब मिलेगा, जब नौकरियां रहेंगी। सार्वजानिक उपक्रम अब बेचे जा रहे हैं। इनके बेचे जाने पर आप मौन क्यों हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों में जोश भरते हुए उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि अन्याय हो रहा है, तो टकराना जरूरी है। जिंदा हो तो, जिंदा नजर आना जरुरी है।

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सब कुछ बेचा जा रहा है, उसे बचाया जाना जरुरी है। कार्यक्रम में मौजूद मंत्री कवासी लखमा की तरफ इशारे करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आरक्षण नहीं होता तो कवासी लखमा न पंच बनते, न सरपंच बनते, न विधायक बन पाते। यह बात कई लोगों पर लागू होती है, लेकिन आज संविधान खतरे में हैं। जितने संस्थान हैं, सबका अधिकार छीना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने दलित, शोषित और वंचितों के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। वे जन्म से लेकर मृत्युपर्यंत दलितों के उद्धार में लगे रहे। उन्होंने सामाजिक दंश झेलने के बावजूद उच्च शिक्षा प्राप्त की और समाज सेवा और उत्थान में जुड़ गए। बाबा साहब ने मंत्र दिया कि शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो। शिक्षा ही हमें अपने अधिकारों और कर्तव्यों का भान कराती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जाति प्रमाण पत्र का सरलीकरण किया है। छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां माता-पिता के पास जाति प्रमाण पत्र है, तो बच्चे को पैदा होते ही उसका जाति प्रमाण पत्र दे दिया जाता है।

मुख्यमंत्री बघेल ने मंगल भवन के लिए 50 लाख स्र्पये और देवेंद्रनगर स्थित बौद्ध विहार में आडिटोरियम निर्माण के लिए 50 लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की। उन्होंने अंबेडकर चौक में नगर निगम द्वारा बाबा साहब की 20 फीट ऊंची नई प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में 40 छात्रों के स्थान पर 50 छात्रों को प्रवेश देने की घोषणा की।



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