उसलापुर में हाईड्रेन पाइप शुरू होना तो दूर इसकी टेस्टिंग तक नहीं हो सकी, सताने लगी चिंता ट्रेन में पानी भरा सकेगा या नहीं

बिलासपुर। उसलापुर रेलवे स्टेशन में चार प्रमुख ट्रेनों का नया ठहराव शुरू हो रहा है। ये ट्रेनें बिलासपुर रेलवे स्टेशन नहीं पहुंचेगी। रेलवे के इस निर्णय से उसलापुर का कद तो बढ़ेगा। लेकिन असुविधाओं के कारण यात्रियों को खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है।
इन असुविधाओं में सबसे प्रमुख है क्विक वाटरिंग सिस्टम (हाईड्रेन पाइप) है। इसके जरिए ट्रेनों में पानी भराता है। वर्तमान में इस सुविधा को लेकर रेलवे की किसी तरह की तैयारी नहीं है। जबकि यह से गुजरने वाली चारों लंबी दूरी की ट्रेन है। बिलासपुर पहुंचने पर इनमें पानी भरा जाता था।लेकिन अब उसलापुर में भी इसकी आवश्यकता पड़ेगी। लेकिन, अभी जिस तरह की तैयारी है, उसे देखते हुए पानी भर पाना मुश्किल नजर आ रहा है।
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अब तक उसलापुर में हाईड्रेन पाइप शुरू होना तो दूर इसकी टेस्टिंग तक नहीं हो सकी है। इसके चलते यह चिंता सताने लगी कि जब ट्रेन उसलापुर स्टेशन में आकर रुकेगी, तो उसमें पानी भरा सकेगा या नहीं। पानी नहीं भरा गया तो यात्री हंगामा करेंगे । कही न कहीं यात्रियों की आलोचनाओं का सामना भी स्टेशन में मौजूद अधिकारी व कर्मचारियों को करना पड़ेगा। हालांकि हाईड्रेन पाइप की इस समस्या को लेकर स्टेशन में अधिकारी परेशान है और संबंधित विभाग को इसके लिए बार-बार व्यवस्था करने के लिए कहा जा रहा है। लेकिन विभाग पर इसका कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। जबकि ठहराव की सुविधा शुरू होने में कुछ ही दिन शेष रह गए हैं।
सारनाथ एक्सप्रेस और अमरकंटक एक्सप्रेस एक मई से और संपर्कक्रांति एक्सप्रेस 24 अप्रैल व जम्मूतवी एक्सप्रेस 25 अप्रैल से बिलासपुर रेलवे स्टेशन नहीं आएंगी। दुर्ग-रायपुर से कटनी रेलखंड की ओर जाने वाली इन चारों प्रमुख ट्रेनों के ठहराव में हो रहे इस बदलाव की अधिसूचना रेलवे ने कुछ महीने पहले ही जारी कर दी है। लगभग सभी यात्रियों को इसकी जानकारी भी हो चुकी है। नए ट्रेनों के स्टापेज से उसलापुर स्टेशन का कद बढ़ेगा। इसके अलावा आने वाले दिनों में सुविधाओं का विस्तार भी होगा। शायद यही वजह है कि रेलवे के इस निर्णय का विरोध भी नहीं हो रहा है। लेकिन इस नई व्यवस्था से यात्रियों को राहत कम परेशानी ज्यादा मिलेगी।



