महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला बाल संरक्षण इकाई के टीम बाल विवाह को रोकने हर सम्भव प्रयास कर रही है। टीम को एक बाल विवाह रोकने में कामयाबी भी मिली है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी के अनुसार मैनपुर विकासखण्ड केअंतर्गत ग्राम काण्डेकेला के बालिका वधु जिसकी आयु शैक्षणिक दस्तावेज के आधार पर विवाह तिथि 18 जनवरी 2021 को 16 वर्ष 10 माह की पाई गई । बालिका का विवाह उनके परिजनों द्वारा ग्राम तिलीमाल जिला-नुवापाड़ा, उडीसा में तय किया गया था। बाल विवाह होने की मिली सूचना के अनुसार जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती जगरानी एक्का के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण इकाई के टीम द्वारा बाल-विवाह की प्रारंभिक जांच की गयी। जांच उपरान्त बालिका वधु की उम्र 16 वर्ष 10 माह होना पाया है, जो कि विवाह की निर्धारित आयु की सीमा से कम है।
READ ALSO – छत्तीसगढ़ – तंत्र मंत्र और झाड़-फूंक से बच्चा दिलाने के नाम पर ठगी करते थे पति पत्नी, पुलिस ने किया गिरफ्तार
जिला बाल संरक्षण टीम द्वारा बालिका के परिजनों एवं ग्रामीण जनों को समझाया गया कि बालिका के 18 वर्ष पूर्ण होने पर ही विवाह करें। सभी लोगों ने समझाने पर सहमति जताई। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अनुसार विवाह के लिए बालिका की आयु 18 वर्ष एवं लड़के की आयु 21 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए। निर्धारित आयु से कम आयु में विवाह करने अथवा करवाने की स्थिति में सम्मिलित व सहयोगी सभी लोग अपराध की श्रेणी में आते है। इसके लिए 2 वर्ष तक का कठोर कारावास एवं एक लाख रूपये का जुर्माना अथवा दोनों से दण्डित भी किया जा सकता।




