देवभोग अमलिपदर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप्प, अंधेरे में जीवन काटने मजबूर लोग
प्रतीक मिश्रा गरियाबंद– अमलीपदर क्षेत्र में तीन दर्जन से अधिक गांवों की बिजली बुधवार की रात से ठप हो गई है। क्षेत्रीयजनों का आरोप है कि क्षेत्र में अगर हल्की सी बारिश भी हो जाती है तो बिजली गायब हो जाती है क्योकि जर्जर हो चुकें बिजली के तार व पोल तथा उपकरणों के सहारे विद्युत आपूर्ति की जा रही है। माामले से कई बार विभागीय अधिकारियों से गुहार लगाई गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है।

हालात यह हैं कि हल्की हवा चलने, हल्की बारिश होने पर बिजली गुल होने की समस्या से लोगों को क्षेत्र में निजात नहीं मिल रहा है। बीते बुधवार कि रात को हल्की हवा के साथ बारिश हुई और बिजली गुल हो गई। ग्रामीण इंतजार करते रहे, लेकिन रातभर बिजली गुल रही।

आलम यह है कि दूसरे दिन यानी गुरुवार को भी क्षेत्र के देवभोग, अमलीपदर, उरमाल, गोहरापदर, इंदागांव, धुरवागुड़ी , कंडेकेला , चिखली ,छैला , मूडगेलमाल, धनोरा, सरनाबहाल, उसरीजोर, सरईपानी, मुड़ामहान, गुढ़ियारी ,भैंसमुड़ी सहित क्षेत्र के तीन दर्जन से भी अधिक गांवों में बिजली गुल हो गई। जिसका सुधार कार्य न तो रात में हुआ और न ही दिन में। जिसकी वजह से ग्रामीणों को रात अंधेरे में काटनी पड़ी। इससे उन्हें रातभर परेशानी का सामना करना पड़ा।
लचर व्यवस्था सुधारने विभाग गंभीर नहीं
बार बार बिजली गुल होना, हल्की हवा व हल्की बारिश होने पर बिजली गुल होना क्षेत्र के लोगों के लिए कोई नई बात नहीं है। यह सब बिजली विभाग की लचर व्यवस्था के कारण होती है। जगह जगह बिजली के तार ढीले पड़े हैं, जो हल्की हवा व बारिश होने पर आपस में टकरा जाते हैं। बिजली विभाग के कर्मचारी द्वारा बताया जाता है कि जो बिजली के तार लगे हुए हैं जंगलों से गुजरते हुए वह तार आज से लगभग 10 से 20 साल पुराने हो चुके हैं जो कि काफी जर्जर हालत में हैं फाल्ट आने की स्थिति में जिससे इलाके में अक्सर घंटो बिजली गुल हो जाती है।
क्षेत्र के ग्रामीणों व जन प्रतिनिधियों के द्वारा समय समय पर सुधार कार्य कराते हुए बिजली की लचर व्यवस्था से निजात दिलाने के लिए आवेदन देने के साथ साथ बड़े आंदोलन भी किए जा चुके हैं इसके बाद भी बिजली विभाग के आला अधिकारियों के द्वारा सुधार कार्य की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। मैनपुर देवभोग क्षेत्र में हो रहे बार-बार बिजली की समस्या को लेकर क्षेत्र की जनता में आक्रोश देखा जा रहा है अगर बिजली की हालत ऐसे ही बनी रही तो लोग आंदोलन भी कर सकते हैं।




