लाइफस्टाइल

दाद-खाज-खुजली की समस्या से हैं परेशान, इस घरेलू नुस्खे से सात दिन में मिट जाएगा नामो-निशान…


कई फूलों में मनभावन सुगंध और सुंदरता के साथ-साथ कई प्रकार के औषधीय गुण पाए जाते हैं. प्राचीन काल में जब दवाएं विकसित नहीं हुई थी. तब इन सब का खूब प्रयोग किया जाता था.

उसी प्रकार गेंदे के फूल में कई प्रकार के गुण पाए जाते हैं. हजारीबाग के ग्रामीण क्षेत्र में अभी भी गेंदा फूल का प्रयोग कई बीमारियों से लड़ने के लिए किया है.

इस संबंध में हजारीबाग के गोला रोड महेश सोनी चौक पर स्थित पतंजलि के आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर जितेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि गेंदे के औषधीय गुणों के कारण आयुर्वेद में कई चीजों के लिए इसका उपयोग किया जाता है.

read more- CG News: डिप्टी सीएम अरुण साव से रायपुर IG रतनलाल डांगी और SSP प्रशांत अग्रवाल ने की मुलाकात…

गेंदे के फूल में विटामिन ए, विटामिन बी, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो कई प्रकार के रोगों से लड़ने के लिए कारगर होता है. जिसमें प्रमुख रूप से बाल झड़ना, डैंड्रफ, स्कैल्प में फंगस , दाद, खाज, खुजली, शामिल है.

डॉ. जितेंद्र उपाध्याय आगे बताते हैं कि गेंदे के फूल दाद, खाज, खुजली में सबसे कारगर उपाय है. इसके लिए गेंदे को अच्छी तरह पीसकर दाद, खाज, खुजली वाली जगह पर लगा लें. वहीं, चोट लग जाने पर रक्त रोकने के लिए भी इसके पत्ते के रस का उपयोग किया जाता है.

कई लोग इसका इस्तेमाल रक्त शुद्ध करने के लिए भी करते हैं. जिसमें लोग इसे पीस के पी सकते हैं. जिससे खून में गंदगी होने के कारण जो भी फोड़ा फुंसी निकलता है, वो ठीक हो जाएं. वहीं, फूल कर पीसकर सिर में लगाने से बाल झड़ने और डैंड्रफ की समस्या भी खत्म होती है.



Related Articles

Back to top button