
अम्बिकापुर- सरगुजा के लखनपुर मे बाईपास रोड निर्माण को लेकर राजनैतिक महाभारत शुरु हो गई है.. लखनपुर मे पिछले भाजपा सरकार मे भी बाईपास बनने की घोषणा हुई थी.. और अब कांग्रेस की सरकार आने के बाद स्वास्थ मंत्री ने बाईपास बनाने की फिर से घोषणा कर दी है.. लेकिन बाईपास रोड के रूट बदलाव को लेकर लखनपुर मे सियायी पारा चरम पर है।
2 जून 2021 को सरगुजा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने एक प्रेस कांफ्रेस मे ये बताया था कि अम्बिकापुर विधायक औऱ प्रदेश के स्वास्थ मंत्री टी एस सिंहदेव ने लखनपुर मे रिंगरोड बनाने का एलान किया है।
जिसके बाद पीडब्लूडी विभाग विभाग ने बाईपास के लिए सर्वे का काम भी कर लिया है… लेकिन इस प्रकिया के बाद बाईपास के रूट को लेकर राजनैतिक महाभारत शुरु हो गई है… विपक्षी दल भाजपा के मंडल अध्यक्ष दिनेश साहू ने बाईपास के लिए निर्धारित रूट को लेकर सत्ताधारी दल के नेताओ पर गंभीर आरोप लगा दिए है… उनके मुताबिक सत्ताधारी दल के नेता अपनी जमीनो की कीमत बढाने की फिराक मे साढे 6 किलोमीटर की सडक को साढे 8 किलोमीटर का बनवा रहे है… और तो और उनके मुताबिक एक तऱफ जहां नए प्रस्तावित बाईपास की लंबाई बढ रही है.. तो वही अपने खेत तक बाईपास ले जाने के चक्कर मे कांग्रेसी नेता रोड को सीधा बनवाने की जगह घुमावदार बना रहे है…
विपक्षी दल भाजपा नेताओ के गंभीर आरोपो मे घिरे कांग्रेस नेताओ ने इस मसले पर अपना पक्ष रखा है.. उनके मुताबिक भाजपा के लोग झूठ बोल रहे है… क्योकि जब बाईपास का सर्वे हो रहा था. उस वक्त सब साथ खडे थे।
सत्ताधारी दल के नेता.. भाजपाई को झूठा साबित करने मे लगे है.. तो दूसरी ओर भाजपा नेताओ का ये भी कहना है कि नई प्रस्तावित बाई पास रोड के लिए जिस रूट का इस्तेमाल किया जा रहा है.. उसमे निजी भूमि ज्यादा है.. जिससे सरकार को ज्यादा मुआवजा देना होगा… लेकिन पिछली सरकार मे प्रस्तावित रिंग मे रोड मे शासकीय भूमि ज्यादा थी.. जिसमे कम मुआवजा बांटना पडता ।
बाईपास रोड के निर्माण से शुरु हुई राजनैतिक महाभारत मे किसका भला होता है और किसका नुकसान ये तो सडक निर्माण के बाद ही पता चलेगा लेकिन हाल फिलहाल मे जारी राजनैतिक दांव पेंच मे ये तो साफ दिख रहा है कि जब जिसकी सरकार होती है.. तब वो मलाई काटता है.. औऱ छांछ बांकियो के लिए छोड देता है।



