
सोनुकेदार अम्बिकापुर – मेडिकल कालेज अस्पताल अम्बिकापुर में कोरोना संक्रमित मरीजो के मौत का आंकड़ा थमने के नाम नही ले रहा है और अब सरगुजा में मृत्यु दर 2-3 फीसदी से बढ़कर 10 फीसदी तक पहुच गया है जिससे न सिर्फ अस्पताल प्रबंधन और अस्पताल व्यवस्था पर सवाल खड़ा हो रहा है बल्कि अब अस्पताल प्रबंधन बढ़ते मौत के आंकड़ो पर समीक्षा करने में जुट गया है,,,, सबसे गंभीर बात ये की जिन कोरोना संक्रमित मरीजो की मौत हुई है उनमें यंग लोगो की संख्या ज्यादा है।
अम्बिकापुर मेडिकल कालेज अस्पताल सरगुजा संभाग के सबसे बड़ा अस्पताल तो है ही साथ ही साथ यहां कोविड को लेकर भी अलग कोविड वार्ड भी बनाया गया है जहां कोरोना के संक्रमण के शुरुआती दौर से लेकर अब तक करीब 2 हजार 600 मरीज इलाज के लिए भर्ती हुए थे जिसमें से 2 हजार 50 स्वस्थ होकर वापस घर लौट गए जबकि करीब 120 मरीजो को अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के लिए दूसरे अस्पताओ में रेफर किया। जबकि 270 कोरोना संक्रमित मरीजो की अब तक मौत हो चुकी है। गंभीर बात ये की जिन संक्रमितों की मौत हुई है उनमें 110 की उम्र 60 साल से ज्यादा थी जबकि 160 ऐसे मरीज थे जिनकी उम्र 30 से 60 साल तक के बीच थी। यही नही कोरोना के दूसरे संक्रमण काल मे 30 से कम करीब 13 और 30 से 40 के बीच करीब 25 लोगो ने भी दम तोड़ा है।
प्रबंधन के लिए मुश्किल वाली बात ये भी है कि पिछले कोरोना संक्रमण काल मे जो डेथ रेट 2 से 3 फीसदी थी वो अब बढ़कर 10 फीसदी तक पहुच गई है और इस बार युवा लोगो के मौत ने स्वास्थ्य महकमे को भी चिंता में डाल दिया है,,,, यही कारण है कि मेडिकल कालेज अस्पताल प्रबंधन ने बढ़ते मौत के मामले को लेकर समीक्षा शुरू कर दी है। शुरुवाती दौर में प्रबंधन का मानना है कि मेडिकल कालेज अस्पताल में पूरे संभाग के मरीज आते है ऐसे में उनकी स्थिति यहां लाते लाते खराब हो जाती है इस कारण युवाओ की मौत का बड़ा कारण इसे माना जा रहा है जबकि कई मरीजो को पहले से कई बीमारियां थी जिसके कारण उनकी डेथ हुई। प्रबंधन की समीक्षा में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि अब तक जितनी मौते हुई है उनमें पुरुष 188 और महिलाये 81है यानी पुरुष वर्ग के मौतों का आंकड़ा ज्यादा है।
आपको बता दें कि यहां मौत के आंकड़े इस संक्रमण के दौर में तेजी से बढ़े है जिसका सबूत मौतों के आंकड़े ही दे रहे है हालांकि मेडिकल कालेज अस्पताल प्रबंधन व्यवस्था दुरुस्त होने के साथ ही मौत के मामले कम करने की बात जरूर कह रहा है और इसके लिए हर संभव प्रयास करने के दावे भी कर रहे हैं।



