कोरोना संक्रमण से पूरा छत्तीसगढ़ त्रस्त हो चुका है, वहीं राजधानी रायपुर में लॉक डाउन का उल्लंघन करने वाले कई मोहल्लों में नजर आते हैं। ऐसी ही एक तस्वीर किराने दुकान के सामने आई है जहां मोहल्ले वासियों ने बताया कि सुबह 7:00 बजे से लेकर रात को 10:00 बजे तक उनका दुकान खुला रहता है। ना इलाके में गश्त होती है नाही लोगों को धरपकड़ किया जाता है जबकि राजधानी रायपुर में लॉकडाउन लगा हुआ है उसके बावजूद 20 25 की संख्या में युवक यहां लगातार नजर आते हैं।
वहीं मोहल्ले वालों जब थाने को फोन करते हैं तो कहा जाता है कि आप वहां सामने मौजूद रहो और हमें पहचान कराओ। अब कौन संभ्रांत आदमी मोहल्ले वालों के ल अपराधिक तत्वों के सामने आना चाहता है जबकि रायपुर में आए दिन चाकूबाजी और लूटमार की घटना सामने आती रहती है।

मामले में आपराधिक तत्व बेखौफ कहते है कि जहां शिकायत करने जाना है कर लो और तो और थाने वाले न ही किसी तरह की कोई कार्यवाही करते हैं और न ही प्रशासन इस बात की सुध लेता है क्योंकि मोहल्ला और दुकान दोनों एक सीमित जगह पर है, रोज गश्त तो होती है तो पर सड़कों पर।

अपराधिक तत्वों द्वारा लगातार यहां पर गांजा और शराब सेवन कर हुडदंग मचाते है। हमारे रिपोर्टर ने वीडियो भी पूरे घटनाक्रम की साझा की है सबसे बड़ा सवाल यह है कि रायपुर पुलिस क्या कर रही है और इन्हें इस सख्त lockdown में शराब और गांजा कहां से प्राप्त होती है उससे भी बड़ी बात है कि पूरे मोहल्ले वाले खामोश रहते हैं और इनकी गाली गलौज और सभी चीजों को सहते रहते है। कुछ लोगों ने बताया कि शिकायत करते हैं फिर 2 दिन बाद मुचलके पर रिहा हो कर फिर वही हरकत करते हैं अब ऐसे में पुलिस प्रशासन क्या सुध लेता है यह देखने वाली बात होगी। क्या रायपुर पुलिस ऐसे ही सुप्त रहेगा बड़ा सवाल है।




